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तारा डूबा, 14 जनवरी के बाद ही करें मांगलिक कार्य

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जम्मू। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार गुरु और शुक्र तारा उदय होने के बाद ही शुभ मुहूर्त में ही विवाह आदि मांगलिक कार्य संपन्न किए जाते हैं। श्रीकैलख ज्योतिष एवं वैदिक संस्थान ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत रोहित शास्त्री ज्योतिषाचार्य ने बताया कि विवाह एवं मांगलिक कार्यों के लिए गुरु और शुक्र तारा का उदय होना एवं शुभ मुहूर्त का होना महत्वपूर्ण है। नए साल में पांच जनवरी की रात को 01:15 बजे वक्री शुक्र तारा पश्चिम में अस्त होगा। वहीं, 12 जनवरी को शाम 05:40 बजे वक्री शुक्र पूर्व में उदय होगा। इस दौरान मांगलिक कार्य करने से बचना चाहिए। 14 जनवरी के बाद ही शुभ मुहूर्त में विवाह आदि मांगलिक कार्य शुरू होंगे। विवाह का पहला मुहूर्त 22 जनवरी को है।
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गुरु और शुक्र तारा अस्त होने के दौरान सगाई आदि का कार्य शुभ मुहूर्त में कर सकते हैं। मंगनी आदि के लिए कोई समस्या नहीं है। पुराने या मरम्मत किए गए मकान में गृह प्रवेश हेतु गुरु एवं शुक्र के अस्त काल का विचार नहीं किया जाता अर्थात जीर्णोद्धार वाले मकान बनाने के लिए गुरु व शुक्र अस्त काल में प्रवेश कर सकते हैं।
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पंचांग के अनुसार विवाह के मुहूर्त
जनवरी: 22, 23, 24 और 25 को
फरवरी: 5, 6, 7, 10, 18, 19 और 20। 24 फरवरी से 25 मार्च तक तारा डूबा रहेगा
अप्रैल: 15, 16, 19, 20, 21, 22, 23, 24 और 27
मई: 2, 3, 4, 9, 10, 11, 12, 16, 17, 18, 20, 21, 26, 27 और 31
जून: 1, 6, 8, 10, 11, 13, 20, 21, 23 और 24
जुलाई: 3, 4, 5, 6, 7, 8, 9, 14, 18, 19, 20, 21, 23, 24, 25, 30 और 31
अगस्त: 1, 2, 3, 4, 5, 9, 10, 11, 14, 15, 19, 20, 21, 28, 29, 30 और 31
सितंबर: 1, 4, 5, 6, 7, 8, 26 और 27 को। 30 सितंबर से 24 नवंबर तक तारा डूबा रहेगा।
दिसंबर: 2, 4, 7, 8, 9 और 14
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