ज्यौड़ियां। खौड़ की पंचायत डगेर में स्थित बाबा मेईमल देवस्थान पर उप्पल बिरादरी की दो दिवसीय मेल में मंगलवार को पहले दिन दोपहर तक क्षेत्र के लगभग पचास हजार से भी अधिक लोग पहुंचे। मेल के दौरान लोगों ने बाबा मेईमल देवस्थान पर माथा टेक आशीर्वाद लिया।
यहां क्षेत्र की सबसे बड़ी मेल लगती है, और सभी बिरादरियों के लोग एकता और भाईचारे से भाग लेते हैं। मेल को सफल बनाने के लिए खौड़ प्रशासन की तरफ से अच्छे प्रबंध किये गए। बाबा मेईमल देव स्थान कमेटी के प्रधान व उप्पल बिरादरी के प्रधान बाबू राम ने बताया कि यहां साल में दो बार मेल लगती है। इसको सफल बनाने के लिए खौड़ प्रशासन के निर्देश पर सरकारी विभागों का काफी सहयोग मिलता है। खौड़ में तैनात हर एक विभाग इस मेल को सफल बनाने के लिए सेवाएं देता है। मेले में भाग लेने वाले लोगों को साफ पीने का पानी, यातायात सुविधा, स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराया जाता है, आज भी मेले के दौरान कृषि विभाग, बागवानी विभाग तथा आंगनबाड़ी विभाग की तरफ से स्टाल लगाकर सरकार की योजनाओं के बारे में जागरूक करते हुए कई तरह की जानकारियां दी गईं।
मेल के दौरान बच्चों के मनोरंजन के भी बंदोबस्त किए गए थे, जिसमें बच्चों के लिए खेलकूद तथा झूले भी लगाए गए। जहां बच्चों ने काफी मस्ती की। वहीं बाबा मेईमल देव स्थान ढोक खालसा पर भी उप्पल बिरादरी की तरफ से मेल का आयोजन धूमधाम से किया गया। इस मौके पर गांव ढोक खालसा के साथ-साथ अन्य कई गांवों के लोगों ने बाबा स्थान पर माथा टेक आशीर्वाद प्राप्त किया।
देवस्थान के प्रमुख पुजारी पंडित राज कुमार ने बताया कि मेल में बिरादरी के सभी लोग बढ़चढ़, एकता और भाईचारे से भाग लेते हैं। यहां दो दिवसीय मेल लगती है, और आज पहला दिन था। आज सैकड़ों लोगों ने माथा टेक आशीर्वाद लिया और प्रसाद ग्रहण किया बुधवार को भी भंडारा और दंगल का आयोजन किया जाएगा।
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धूमधाम से मनाई बिनालोच रैना ब्राह्मणा बिरादरी की मेल
रामगढ़। दाती मां की वार्षिक मेल बिनालोच व रैना ब्राह्मण बिरादरी की तरफ से मंगलवार को देवस्थान दाती मां मंदिर दबुज काका (जख) सांबा में बड़ी धूमधाम व धार्मिक अनुष्ठान के साथ मनाई गई।
समिति के सदस्यों ने बताया कि कोरोना के चलते दो साल से मेल स्थगित रही, लेकिन इस बार हालात ठीक होने के चलते मेल को श्रद्धा व धार्मिक रीति रिवाज से मनाई गई। समिति के सदस्यों ने बताया कि पहले सुबह 9.30 बजे हवन यज्ञ व कन्या पूजन के उपरांत भंडारे लगाया गया। समिति की तरफ से जम्मू-कश्मीर के साथ-साथ दूसरे राज्यों में रहने वाले बिनालोच व रैना ब्राह्मण बिरादरी के परिवार पहुंचे। इस कार्यक्रम में परिवार सहित पहुंच कर दाती मां का आशीर्वाद प्राप्त किया और लंगर ग्रहण किया।