अखनूर। बल्ले दा बाग गांव में नौ दिनों से जारी श्रीमद् देवी भागवत कथा वीरवार को संपन्न हो गई। अंतिम दिन कथावाचक सुभाष शास्त्री ने संगत को मां भगवती की महिमा विस्तार से समझाई। इस मौके पर भंडारे के साथ ज्ञान यज्ञ का भोग डाला गया।
कथावाचक ने कहा कि सत्य का संग करने से ही भला होना सुनिश्चित हो जाता है। वैसे भी संसार में आपको किसी न किसी का तो संग करना ही है, तो बेहतर है कि सत्य का संग करें। यह आपके हित में भी है।
कथावाचक ने कहा कि कुसंग जहर है। इससे धीरे-धीरे सब कुछ बिगड़ जाता है। कुसंग अंदर घुस गया, तो दिल बिगड़ता है। फिर दिमाग। इसके साथ ही वर्तमान बिगड़ जाता है। वर्तमान बिगड़ेगा तो भविष्य स्वत: खराब हो जाएगा। उन्होंने कहा कि भविष्य को सुधारना है, तो सर्वप्रथम वर्तमान को सुधारने का प्रयास शुरू कर दें। इसके लिए सत्य का संग करें। कार्यक्रम का आयोजन सरपंच शमशेर सिंह के नेतृत्व में किया गया।