मुनीर की बर्खास्तगी से परिवार में मातम, दुखों का पहाड़ टूटा
मुनीर को नौकरी से बरखास्त करने के निर्देश के बाद पूरा परिवार शोक में है। मानो दुखों का पहाड़ उनपर टूट कर गिर गया हो। मीनल और मुनीर की शादी नौ साल पहले ही शगुन के तार पर कर दी गई थी। बीते दो साल से वीजा के लिए आवेदन कर रहे थे, लेकिन वीजा नहीं मिला। इसके बाद 24 मई 2024 को दोनों का ऑनलाइन निकाह करवा दिया गया था।
इसके बाद फिर वीजा के लिए आवेदन किया गया। तब जाकर 15 दिन का वीजा जारी हुआ था। 29 फरवरी को मीनल सुसराल आई थी। 14 मार्च को मीनल का बीजा समाप्त हो गया था। हालाकि कि मुनीर खान ने पत्नी मीनल के लिए लांग टर्म बीजा के लिए अवेदन किया हुआ था। इसके साथ ही इंटरव्यू भी हो गया था। अभी आगे की कारवाई होना बाकी थी। लेकिन अभी तक मीनल को भारत की नागरिकता नहीं मिली है। और बीजे का समय भी समाप्त हो था।
मीनल को पाकिस्तान भेजने के आदेश पर लगी रोक
इसलिए पाकिस्तान की मीनल खान को पति का घर छोड़कर मंगलवार अमृतसर स्थित बागा बॉर्डर भेज दिया गया था। मीनल खान पाकिस्तान के सियालकोट पंजाब में स्थित कोटली फकीर चंद गुंजन निवासी असगर खान की बेटी है। बुधवार दोपहर को एडवोकेट अंकुर शर्मा ने कोर्ट में मीनल को बापिस पाकिस्तान न भेजने के लिए एक प्रस्ताव रखा।
जिसके बाद कोर्ट ने मीनल को पाकिस्तान भेजने के निर्देश पर रोक लगा दी। इसके बाद कोर्ट का ऑर्डर दिखाकर मीनल को बागा बॉर्डर से पाकिस्तान जाने से रोक दिया गया।
एक तरफ राहत तो दूसरे तरफ संकट मीनल को रूकने की मंजूरी मिली पर मुनीर की नौकरी गई
मीनल के रोक का ऑर्डर की खबर मिलते हैं मीनल के ससुराल वालों के चेहरे पर खुशी से खिल उठे। वीरवार सुबह मीनल परिवार के साथ अमृतसर से जम्मू के हंडवाल गांव लौट आई। फिलहाल मीनल को कोर्ट के अगले आदेश तक राहत मिल चुकी है। लेकिन अब मुनीर को बर्खास्त करने के आदेश के बाद फिर से परिवार की खुशियों में ग्रहण लग गया है।
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