आरोपी कार चालक की पहचान सुनील सिंह निवासी शामा चक्क के रूप में हुई। वहीं दूसरी ओर सड़क हादसे की सूचना मिलने पर मृतक के परिजन भी जीएमसी जम्मू पहुंचे। उन्होंने पहले आरोप लगाया कि मृतक पूर्ण चंद घर बैंक गए थे। जिस की घर आते समय किसी ने पैसे लूट कर हत्या कर दी। लेकिन जब पुलिस ने मामले की जांच की तो पता चला कि मृतक अपने पंजाब नैशनल बैंक से अपने बेटे के खाते पैसे ट्रांसफर करवाने गया था। उसके पास पैसे नहीं थे। सीसीटीवी फुटेज से साफ हो गया की उसकी मौत सड़क हादसा है। न की हत्या और लूटमार। इसके बाद पुलिस सारी जानकारी मृतक के परिजनों से साझा की। जिसके बाद परिजनों को विश्वास हुआ कि पूर्ण चंद की मौत हत्या नहीं महज एक सड़क हादसा है।
बता दे कि पूर्ण चंद के दो बेटे और एक बेटी है। बेटी लड़कों से बड़ी है। बड़ी बेटी शालू कुमारी की 5 साल पहले शादी हो गई थी। मृतक का बड़ा बेटा सुशील डोगरा मेडिकल सेक्टर में प्राइवेट नौकरी करता है। तो वहीं छोटा बेटा सचिन डोगरा हरियाणा में पढ़ाई कर रहा है। सूचना मिलने के बाद सचिन भी वीरवार देर रात हरियाणा से अपने घर पहुंचा।
बेटे ने कहा-नहीं जानता था कि ये पापा की आखिरी छुट्टी होगी
जानकारी के अनुसार सीआरपीएफ के जवान पूर्ण चंद फिलहाल कठुआ जिला के ग्रुप सेंटर हीरानगर में तैनात थे। झिड़ी मेले पर एक महीने की छुट्टी लेकर घर आया थे। कुछ दिन में ही वापस ड्यूटी पर जाना था। मृतक सीआरपीएफ जवान के बेटे सुशील ने बताया कि पापा को एक हफ्ते बाद बापिस ड्यूटी पर जाना था। लेकिन केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के जवान पूर्ण चंद की मौत की खबर जानकारी मिलने पर जवान के घर चीख-पुकार मच गई। इस घटना से पत्नी मंजू देवी का रो-रोकर बुरा हाल है। पत्नी बार-बार कह रही थी 'शालू के पापा कहां गए'। इधर दोनों बेटों के सुशील व सचिन डोगरा के साथ सभी लोगों के आंखों में आंसू आ गए।