करन नगर में फिदायीन हमले को नाकाम बनाने वाले कांस्टेबल रघुनाथ की बहादुरी के लिए श्रीनगर में वीरवार को डीजी सीआरपीएफ आरआर भटनागर द्वारा डीजी कमंडेशन डिस्क के साथ नकद इनाम दिया। उसे आउट ऑफ टर्न प्रमोशन देने के लिए भी डीजी ने गृह मंत्रालय के समक्ष सिफारिश की है।
अमर उजाला के साथ बात करते हुए बहादुर कांस्टेबल रघुनाथ घेंट ने कहा कि सोमवार तड़के 4:30 बजे आतंकियों ने कैंप पर धावा बोला। वह उस समय ड्यूटी पर तैनात था। उस दिन सुबह 4 से 6 बजे तक उसकी ड्यूटी थी और ड्यूटी शुरू करने के करीब आधे घंटे के बाद उसने कैंप के सामने अंधेरे में कुछ मूवमेंट देखी।
रघुनाथ ने कहा कि उसने देखा कि हाथ में हथियार और कंधे पर पिट्ठू बैग लिए आतंकी कैंप की ओर बढ़ रहे हैं। आतंकी अंदर घुसने की फिराक में थे। यह देख मैंने बिना वक्त गवाएं उन्हें ललकारा और आतंकियों पर फायरिंग शुरू कर दी, जिससे वह हड़बड़ा गए और अंधेरे का फायदा उठाते हुए साथ वाली इमारत में छिप गए। सीआरपीएफ की क्यूएटी ने मौके पर पहुंचकर दोनों विदेशी आतंकियाें को मार गिराया।