घरेलू हिंसा के मामलों में यूटी में जम्मू-कश्मीर चौथे स्थान पर
घरेलू हिंसा में जम्मू-कश्मीर केंद्र शासित प्रदेशों में चौथे स्थान पर रहा। जम्मू-कश्मीर में यह दर 8.1 फीसदी रही है। पहले स्थान पर दिल्ली में 42.1 फीसदी (प्रति लाख आबादी पर), दूसरे स्थान पर चंडीगढ़ 13.4 फीसदी, तीसरे स्थान पर लक्षद्वीप 9.1 फीसदी रहा और चौथे स्थान पर जम्मू-कश्मीर है। रिपोर्ट के अनुसार 427 महिलाओं का अपहरण जबरन विवाह के लिए किया गया, इसमें 10 नाबालिग थीं।
विशेष व स्थानीय कानूनों के मामले बढ़े
विशेष और स्थानीय कानूनों (एसएलएल)से जुड़े मामलों में बढ़ोतरी दर्ज की गई। 2021 में जहां ऐसे मामले 4,228 थे। वहीं 2022 में 4,282 और 2023 में बढ़कर 4,468 हो गए। इन मामलों में चार्जशीट दाखिल होने की दर 90.7 प्रतिशत रही। दूसरी ओर, आईपीसी (आईपीसी) के तहत दर्ज मामलों में कमी आई है। 2021 में 27,447 मामले दर्ज हुए जो 2022 में घटकर 25,915 और 2023 में 25,127 हो गए।
राजद्रोह का कोई मामला दर्ज नहीं
रिपोर्ट में कहा गया है कि 2023 में जम्मू-कश्मीर में राजद्रोह का कोई मामला दर्ज नहीं हुआ लेकिन दंगों के 425 मामले दर्ज किए गए जिनमें 655 लोग शामिल थे। सांप्रदायिक या धार्मिक हिंसा का कोई मामला दर्ज नहीं किया गया।