इंचार्ज एससपी राजेंद्र कटोच ने बताया कि मनीष सिंह की तरफ से हत्या की बात कबूल करने के बाद पुलिस ने 24 घंटे के अंदर मामले को सुलझा लिया है। दूसरा आरोपी अभी फरार है और उसकी लास्ट लोकेशन जम्मू की थी, जहां उसका मोबाइल फोन बंद हो गया है। जल्द ही उसको भी पकड़ लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि जांच में पता चला है कि हत्या जमीन के विवाद के चलते हुई है।
राहुल और उसके परिवार का जमीन को लेकर कुछ लोगों के साथ लंबे समय से विवाद चल रहा था। पुलिस पता लगाने का प्रयास कर रही है कि जो चार लोग पहले पकड़ गए हैं, उनके कहने पर युवक की हत्या हुई है या फिर मामला कुछ और है। अभी जांच शुरू हुई है और जल्द ही इसके आगे के पहलू पर भी जांच की जाएगी।
परिवार की तरफ से शिकायत मिलने पर पुलिस की लापरवाही की भी होगी जांच
डीआईजी सुजीत सिंह ने कहा कि मामले में पुलिस और राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। इसको लेकर पुलिस गंभीर है। लेकिन पुलिस तब तक कोई कार्रवाई नहीं कर सकती है, जब तक लिखित शिकायत दर्ज नहीं कराई जाती। अगर कोई चाहता है कि इसको लेकर कार्रवाई की जाए तो पहले इसकी लिखित शिकायत दर्ज करानी होगी। उसके बाद ही आगे की प्रक्रिया को पूरा किया जा सकता है। पीड़ित परिवार इसको लेकर उनके पास शिकायत कर सकता है।
इंचार्ज एसएसपी ने बताया कि पुलिस ने हत्या के एक आरोपी को पकड़ लिया है और उसने हत्या की बात कबूल भी कर ली है, लेकिन अभी तक पुलिस के पास इसके पुख्ता सबूत नहीं है। पुलिस अब सबूत की तलाश में जुट गई है। अभी तक कोई गवाह भी नहीं मिला है। फॉरेंसिक जांच की मदद से सबूत जुटाने का प्रयास किया जा रहा है।
पहले पकड़े गए लोगों की भूमिका का पता लगा रही पुलिस
इंचार्ज एसएसपी ने कहा कि पुलिस पहले पकड़े चार आरोपियों की भूमिका का पता लगाने की प्रयास कर रही है। अभी इनको पुलिस की तरफ से क्लीन चिट नहीं दी गई है। इनसे भी पूछताछ जारी है।
18 मरले जमीन को लेकर चल रहा था विवाद
डीआईजी ने बताया कि राहुल भगत के परिवार का मनीष सिंह के परिवार के साथ 18 मरले जमीन को लेकर दो वर्ष से विवाद चल रहा था। इसको लेकर कई बार राहुल और मनीष के बीच लड़ाई हुई थी। दोनों परिवारों की लड़ाई का मामला कोर्ट तक भी पहुंच गया था और पुलिस स्टेशन में भी इसको लेकर एफआईआर दर्ज थी। इसी को लेकर मनीष ने अपने दोस्त के साथ हत्या की साजिश रची और वीरवार को वारदात को अंजाम दे दिया।
हाईकोर्ट से वकीलों का शिष्टमंडल पहुंचा उधमपुर
डीआईजी ने बताया कि इस मामले को लेकर हाईकोर्ट से वकीलों का शिष्टमंडल उधमपुर पहुंचा है। शिष्टमंडल ने भी मामले की निष्पक्ष जांच करने की मांग की है। सभी का यही कहना है कि मामले की गंभीरता से जांच की जाए और जो भी इसमें दोषी है उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए। इसको लेकर कोई बचना नहीं चाहिए। शिष्टमंडल ने अपनी तरफ से भी कुछ सुझाव दिए हैं।