उधमपुर में बीएसएफ की बस पर हमला करने वाले आतंकियों की मंशा काफी खतरनाक थी। वे बीएसएफ की बस हाईजैक कर बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में थे। उनके पास इस बात की पक्की सूचना थी कि कानवाय में शामिल जवानों के पास ज्यादा हथियार नहीं है।
वे छुट्टी से लौटकर ड्यूटी पर श्रीनगर जा रहे हैं। उनके निशाने पर हमले वाले स्थान से 16 किलोमीटर दूर सेना का सबसे बड़ा कमान उत्तरी कमान भी हो सकता था।
बताते हैं कि सुबह बीएसएफ की बस देखकर आतंकियों ने ढाबे की आड़ से पहले ग्रेनेड हमला किया फिर अंधाधुंध फायरिंग झोंकी। आतंकी बर्स्ट फायर कर सभी को मौत की नींद सुलाने के बाद बस को कब्जे में लेना चाहते थे।