सरकारी फंड में हेराफेरी करने और धोखे से फर्जी बिल पेश करने के आरोप में बडगाम की चीफ मेडिकल अफसर (सीएमओ) और अन्य अफसर विजिलेंस के घेरे में आ गए हैं। आरोप है कि वर्ष 2009-10 में सीएमओ और अन्य अफसरों ने 17 लाख रुपये की हेराफेरी की। विजिलेंस ने जेएंडके पीसी एक्स के अलावा आरपीसी की धारा 420, 467, 471, 120-बी के तहत मामला दर्ज किया है।
विजिलेंस ने जांच के दौरान पाया कि बडगाम के सीएमओ मोहम्मद अब्दुल्ला भट और कैशियर निसार अहमद ने खाग तथा चरार-ए-शरीफ के बीएमओ के साथ मिलकर धोखाधड़ी की। फर्नीचर की खरीद और रिपेयर के नाम पर फर्जी बिल बनाए गए और सरकार के खजाने में 11,78,240 रुपये की धोखाधड़ी की।
जांच में पता चला कि वर्ष 2009-10 में विभाग के वाहनों की मरम्मत के लिए भी सीएमओ मोहम्मद अब्दुल्ला भट, कैशियर निसार अहमद, बीएमओ खाग बशीर अहमद खान और बीएमओ चरार-ए-शरीफ मोहम्मद इकबाल भट और अन्य ने 8,01,990 रुपये का फंड निकाला।
श्रीनगर के आस्कर सिने मीडिया ग्रुप को एलईडी होर्डिंग और शार्ट फिल्म बनाने के लिए बिना टेंडर निकाले काम दिया गया और उन्हें भुगतान भी कर दिया गया। इतना ही नहीं, फर्म ने शार्ट फिल्म बनाने के लिए 68,750 रुपये की अतिरिक्त मांग की। आरोपी सीएमओ ने कैशियर के मार्फत उक्त फर्म को 1,57,000 रुपये का भुगतान किया, जो अतिरिक्त डिमांड से 88,250 रुपये ज्यादा थी।
सीएमओ ने मुहर्रम के लिए अतिरिक्त मेडिसन खरीदने के नाम पर धोखे से 50 हजार रुपये का फंड निकाला। इसके अलावा टीए और विभिन्न सामानों की खरीद के लिए भी 2,38,000 रुपये निकाले गए। विजिलेंस के अनुसार प्रारंभिक जांच रिपोर्ट के बाद आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।