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तीन बच्चियों और एक अजन्मे की चिंता में डूबी मां

Tue, 02 Aug 2016 11:07 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/जम्मू
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dead body - फोटो : Demo Pic.
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घर के आंगन में घूम रहीं तीन मासूम बच्चियां और अपने पेट में बच्चे के साथ टहल रही पूनम के चेहरे पर अपने बच्चों के भविष्य की चिंता साफ झलक रही थी। हाथ में कुछ अमरूद लिए वह गेट से बाहर आई और बताया कि वह वही है, जिसके पति ने अपनी ही बेटी की जान ले ली।
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पांच दिन पहले मूल रूप से मध्य प्रदेश और इस समय डिगियाना की विश्वकर्मा चौक के पास रहने वाले रमेश ने अपनी 9 साल की बेटी को बुरी तरह से पीट दिया था, जिससे उसकी मौत हो गई। तब से आरोपी पिता फरार है। 

नम आंखों से बात करते हुए पूनम ने बताया कि उनकी सबसे बड़ी बेटी  जब पैदा हुई, तभी से उसका पति उससे नफरत करता था। जब वह कुछ बड़ी हुई तो पिता अक्सर उसे मारने पीटने लगा। वक्त निकलता गया।
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इस बीच पूनम ने तीन और बेटियाें को जन्म दिया। लाख कोशिश करने के बाद भी पति के व्यवहार में कोई बदलाव न आने पर वह दुखी होकर मायके चली गई। यहां उसकी चारों बेटियां साथ रहने लगीं। करीब पंद्रह दिन पहले पूनम का पति उसके पास आया और बोला कि अब वह बेटी को नहीं पीटेगा।

यह कहकर वह अपने पति के साथ चारों बेटियों को लेकर आ गई। लेकिन, घर पहुंचते ही पति ने फिर से वही सब शुरू कर दिया। पांच दिन पहले उसने बुरी तरह बेटी को पीटा। मना करने पर बोला, उसकी बेटी है, मारे या छोड़े। पिटाई से बेटी की मौत के बाद से वह फरार है। 

पूनम का कहना है कि उसका 9वां महीना चल रहा है। तीनों बेटियां और पेट में पल रहे बच्चे को लेकर वह चिंचित रहती है। उसने कहा कि पति तो भाग गया बेटी को मारकर, अब उसे यह चिंता सता रही है कि चार बच्चों की परवरिश कैसे होगी।

प्रसव के लिए छह हजार रुपये जमा थे, जो उसका पति फरार होने से पहले ले गया। अब तो उसके पास खाना पकाने तक के पैसे नहीं। अभी तक तो उसके भाई और भाभी खाने-पीने का सामान लेकर दे रहे हैं, लेकिन भविष्य में क्या होगा, यह बोल कर वह रोने लगी।
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