रेलवे में नौकरी का झांसा देकर युवाओं से पैसे ऐंठने वाले गिरोह के खिलाफ क्राइम ब्रांच ने चालान पेश कर दिया है। वर्ष 2010 में क्राइम ब्रांच ने 420, 465,468, 120-बी के तहत मामला दर्ज किया था। क्राइम ब्रांच ने नरेश कुमार की शिकायत पर पांच लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया था।
इनमें यशपाल भगत निवासी प्रेम चक आरएसपुरा, समीर कुमार निवासी डार्जलिंग, रवि कुमार निवासी सिलीगुड़ी, राजिंदर सिंह निवासी दबलैड़ आरएसपुरा, संजीव कुमार निवासी दवलैड़ आरएसपुरा शामिल हैं।
एसएसपी क्राइम ब्रांच मुब्बसर लतीफी ने बताया कि इन लोगों ने युवाओं से रेलवे में नौकरी दिलाने के लिए हर एक से पांच-पांच लाख रुपये लिए। युवाओं से कहा कि उन्हें रेलवे सहायक स्टेशन मास्टर और टीटी की नौकरी दिलाएंगे। इसके लिए पैसे भी ले लिये और फर्जी नियुक्ति पत्र और रेलवे पास भेज दिए।
जब युवक ज्वाइन करने पहुंचे तो उनकी नियुक्तियों को फर्जी करार दिया गया। पूछताछ करने पर पुलिस ने पाया कि समीर और यशपाल भगत वैष्णो देवी में पहली बार मिले। यहीं से इन लोगों की जान पहचान हुई और युवाओं को नौकरी के नाम पर लूटने के लिए गिरोह बना लिया।
क्राइम ब्रांच ने अपनी जांच पूरी करने के बाद बुधवार को इन सभी के खिलाफ कोर्ट में चालान पेश किया। गिरोह में तीन युवक सिलीगुड़ी और तीन आरएसपुरा के दवलैड़ के रहने वाले हैं। इस समय कोर्ट से जमानत पर हैं।