जम्मू की फास्ट ट्रैक कोर्ट ने बहुचर्चित रोटरी इनर व्हील होम दुष्कर्म कांड में डाक्टर सहित छह आरोपियों को आरोपों से बरी कर दिया, जबकि दो आरोपियों के खिलाफ आरोप तय कर दिए।
रेप के आरोपों से रिहा हुए लोगों में होम के प्रिंसिपल गिरधारी लाल कौल, सेक्रेटरी राजिंदर कपूर, आस्था नर्सिंग होम के संचालक डा. राज शर्मा और डा. रमन, होम के प्रेसीडेंट पीएन दूबे और उनकी पत्नी रवि दूबे शामिल हैं।
जबकि अंगद कुमार और सुरजीत कुमार के खिलाफ आरपीसी की धारा 376 (2) (सी) के तहत आरोप तय किए गए।
सामाजिक कार्यकर्ता ने की थी पुलिस शिकायत
नौ जुलाई 2013 को एक महिला आरती महाजन ने पुलिस को शिकायत करते हुए आरोप लगाया कि रोटरी इनर व्हील होम में मंदबुद्धि बच्चियों के साथ घिनौनी हरकत की जा रही है।
इन मंदबुद्धि बच्चियों को घटिया हालत में रहने को मजबूर किया जा हैं और उनके साथ स्टाफ द्वारा दुष्कर्म और घिनौनी हरकत की जाती है।
शिकायत के बाद एसएसपी जम्मू ने मामले की जांच के लिए सीनियर अफसरों की एक कमेटी बनाई गई।
कमेटी में जांच के बाद सौंपी रिपोर्ट में कहा कि मंदबुद्धि बच्चियां के साथ लगातार दुष्कर्म जैसी घटनाएं हो रही हैं। कमेटी ने आरोपों की जांच पुलिस से करवाने की सिफारिश भी की।
इन धाराओं के तहत चला मुकदमा
इस मामले में आरपीसी की धारा 376(सी), 109 के तहत एफआईआर दर्ज की गई थी। साथ ही मामले की जांच के लिए सिट (स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम) का गठन किया गया था।
जांच के दौरान सिट ने घटनास्थल का जायजा लिया और रोटरी होम व आस्था क्लिनिक का रिकार्ड भी जब्त कर लिया गया था।
इस मामले में शिकायतकर्ता समेत कई गवाहों के बयान दर्ज किए गए थे। इसके बाद अंगद कुमार, सुरजीत कुमार, गिरधारी लाल कौल, राजिंदर कपूर, डा. राज शर्मा, डा. रमन को गिरफ्तार किया गया।
दो आरोपी अंगद और सुरजीत की कार्यकारी दंडाधिकारी के समक्ष पहचान परेड भी करवाई गई। पीड़ित लड़कियों ने इनकी पहचान की।