फास्ट ट्रैक कोर्ट के प्रीसाइडिंग आफिसर किशोर कुमार ने गैंग रेप के आरोपी मुकेश भट्ट की जमानत अर्जी खारिज कर दी। पुलिस में दर्ज शिकायत के अनुसार पीड़िता एक कंपनी में काम करती है। बाड़ी ब्राह्मणा में किराए के मकान में रह रही पीड़िता उस दिन घर से निकली थी। रास्ते में उसे आरोपी मुकेश मिल गया।
मुकेश ने उसे बावे माता मंदिर चलने को कहा। पीड़िता उसे दोस्त मानती थी। आरोपी उसे मंदिर की ओर ले गया। आरोपी ने उसे धोखे से अपने कमरे में ले गया और फिर उसके साथ जबरन दुष्कर्म किया। इसके कुछ ही देर बाद तीन और लोग मौके पर पहुंचे।
सभी ने पीड़िता के साथ दुष्कर्म किया और उसे बुरी तरह से पीटा। अभियोजन की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने पाया कि गैंग रेप जैसे जघन्य अपराध को लेकर नरमी नहीं बरती जा सकती। जांच के प्रभावित होने की आशंका समेत अपराध की श्रेणी को देखते हुए जमानत अर्जी खारिज की जाती है।