कोर्ट से रद्द हुई जमानत की अर्जी
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प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सांबा एमएल मन्हास ने नारको तस्कर मुदद्सर अहमद भट्ट, इशफाक अहमद गनई और शहबाज मोहिउद्दीन की जमानत की अर्जी को रदद् कर दिया।
प्रधान सत्र न्यायालय ने पब्लिक प्रोसीक्यूटर भूपेंद्र सिंह चाढ़क की दलीलों के बाद पाया कोर्ट किसी भी मामले मेें राहत नहीं दे सकती है। नारको तस्करी समाज में फैला हुआ अपराध है। इन आरोपियों से 18,400 नशीले कैप्सूल बाड़ी ब्राह्मणा पुलिस ने जब्त किए थे। युवाओं के लिए नशीले कैप्सूल नशा है और बुरी तरह से जकड़ में आ गया है।
प्रतिबंधित कैप्सूल की तस्करी की गई। इसे कोर्ट ने पूरे तथ्यों पर गौर करने के बाद आरोपियों को जेल भेजा और उनकी बेल की अर्जी को खारिज कर दिया। जमानत की अर्जी में स्वास्थ्य खराब होने का आधार बनाया गया। इस आधार को भी कोर्ट ने रद्द कर दिया