झज्झर कोटली पुलिस के हत्थे चढ़े 28 मुन्ना भाई को रिश्तेदारी, यारी दोस्ती और भाईबंदी निभाना महंगा पड़ गया। इस जोखिम ने उन्हें आरोपी बना दिया और हवालात पहुंचा दिया। अब उनके पास पछताने के सिवाय दूसरा कोई विकल्प नहीं है। जिनके द्वारा जम्मू आए थे, उन्हें फोन पर सूचित करके सारी घटना की जानकारी दे दी गई। पुलिस ने सभी आरोपियों को पांच दिन की रिमांड पर लिया है।
पुलिस युवाओं से पूछताछ कर रही है कि पकड़े गए युवा काम क्या करते हैं। अभी तक की पूछताछ में सामने आया है कि अधिकतर आरोपी परीक्षार्थियों के चाचे, ताये, मामे के बेटे होने या यारी दोस्ती के लिए ऐसा कर गए।
कुछ मामले ऐसे सामने आए हैं, जिसमें युवाओं ने आने-जाने के खर्च सहित परीक्षा देने का सौदा भी किया था और काम मुकम्मल करने के बाद पूरे पैसे लेने की बात हुई थी। ये आरोपी हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश और दिल्ली के रहने वाले हैं।
इनमें संदीप सिंह, राजेश कुमार, दिनेश कुमार, संजीत सिंह, मोनू, सुनील, अमित कुमार, अमरीक सिंह, अभिषेक, विनोद कुमार, संजय कुमार, अरुण कुमार, मोनू, जतिंद्र सिंह, अविनाश, लोकेंद्र सिंह, प्रदीप कुमार, राहुल कुमार, वीरेंद्र कुमार, अमित कुमार, सतिंद्र सिंह, सरवेश, विकास, भारत, बृजेश कुमार, दिनेश कुमार, रवि कुमार और राहुल शामिल हैं।
एसएचओ रविंद्र सिंह के मुताबिक इन्होंने ऐसा अपराध करके योग्य उम्मीदवारों का हक छीनने का प्रयास किया है, मामले में गंभीरता के साथ जांच की जा रही है। आरोपियों पर धारा 419, 420, 120 बी के तहत केस दर्ज हुआ है।