कठुआ। वीरवार को पाकिस्तानी की तरफ से गोलाबारी करने के बाद प्रशासन के आदेश से अंतरराष्ट्रीय सीमा के पांच किलोमीटर के दायरे में स्कूलों को बंद करने के आदेश जारी कर दिए गए। वहीं, दूसरी तरफ प्रशासन ने राहत शिविरों को सक्रिय कर दिया है।
जिला उपायुक्त की हिदायत के बाद मुख्य शिक्षा अधिकारी कठुआ ने भारत पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा से पांच किलोमीटर के दायरे के सभी स्कूलों को वीरवार को बंद रखने के निर्देश जारी कर दिए गए। हीरानगर, राजबाग के कई निजी स्कूलों में बच्चे सीमावर्ती इलाकों से आकर पढ़ाई करते हैं, ऐसे में इन स्कूलों में भी उपस्थिति कम रही। उधर, प्रशासन का आदेश मिलने तक सुबह घर से निकले बच्चों की सलामती को लेकर परिवार के सदस्य भी परेशान रहे। बच्चों ने बताया कि आज कई स्कूलों में परीक्षा थी ऐसे में उन्हें मजबूरी में जाना पड़ रहा है। देर शाम मुख्य शिक्षा अधिकारी ने एक और आदेश में कहा कि प्रशासन के अगले आदेश तक अंतरराष्ट्रीय सीमा के पांच किलोमीटर दायरे में आने वाले सभी स्कूल बंद रहेंगे।
जिला उपायुक्त रोहित खजूरिया और जिला पुलिस प्रमुख श्रीधर पाटिल ने गोलाबारी प्रभावित इलाकों का बख्तरबंद वाहनों से जायजा लिया। उन्होंने बोबिया, करोल बिड्डो को दौरा किया। ग्रामीणों के साथ बैठक करते हुए प्रशासनिक अधिकारियों ने उन्हें हर संभव सहायता के लिए आश्वस्त किया। जिला उपायुक्त ने बताया कि बुधवार रात से गोलाबारी जारी है। प्रशासन की ओर से लोगों को यदि शिफ्ट करना पड़ा तो इंतजाम पूरे किए गए हैं। बोबिया और लौंडी में एक एक बख्तरबंद वाहन को स्टैंडबाई पर रखा गया है। जिला उपायुक्त ने कहा कि सीमावर्ती लोगों को दिक्कतें होती हैं लेकिन वो डरे नहीं है। प्रशासन उनकी सहायता और सुरक्षा के लिए तत्पर है और सुरक्षित जगह पर चार कैंप बनाए गए हैं जहां सीमावर्ती लोगों के ठहरने, खाने पीने का बंदोबस्त भी किया गया है। यदि जरूरत पड़ी तो कैंप बढ़ाए जा सकते हैं।
गोलाबारी में घायल दौलतराम बोले-पाक को मिले करारा जवाब
हीरानगर। सीमावर्ती गांव लौंडी में पाकिस्तानी गोलाबारी में घायल दौलतराम ने कहा पाकिस्तान को उसी की भाषा में जवाब देने की बात तो कही गई थी, लेकिन जवाब दिया नहीं गया। उसी का नतीजा है कि पाकिस्तान आज भी बेखौफ होकर हम पर गोले बरसाता है। बेहद जरूरी है कि पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब दिया जाए। कब तक हम अपना घर बार छोड़कर इधर-उधर भागते रहेंगे। कब तक हमारे बच्चे भूल जाने से डरते रहेंगे। हमें ऐसा माहौल चाहिए, जहां बच्चे बेफिक्र होकर अपने भविष्य की तैयारी कर सकें। सीमा पर घुसपैठ के बाद गोलाबारी से बनी परिस्थितियां डोगरा स्वाभिमान रैली को भी प्रभावित कर सकती हैं। ब्यूरो
सीमावर्ती इलाकों में ठंडा पड़ा चूल्हा चौका
वीरवार सुबह पाकिस्तानी गोलाबारी अचानक शुरू होने से ग्रामीणों को संभलने का मौका भी न मिला। जिसे जहां जगह मिली वहीं शरण ले ली। मशीनगनों और मोर्टार के गोलों के धमाकों के बीच घरों के चूल्हे भी ठंडे पड़ गए। घर का सब कामकाज जैसा जहां था वहीं छोड़कर लोग जान बचाने के लिए भागते नजर आए। दहशत इस कदर व्याप्त थी कि गांव की गलियों में कुछ मिनटों के भीतर ही सन्नाटा पसर गया। पानसर, मनियारी, पहाड़पुर, पाटी मेहरू, चकड़ा, बोबिया के जिन इलाकों में गोले गिरे वहां कोहराम मच गया।