छन्नी हिम्मत इलाके में रहने वाले एक पुलिसकर्मी का नौकर उसकी एके-47 लेकर भाग खड़ा हुआ। इस दौरान उसने जहां लोगों को गोली मारकर घायल कर दिया, वहीं घंटों पुलिस अधिकारियों को छकाता रहा। घायलों में एक छन्नी हिम्मत थाना के एसएचओ का पीएसओ है, जबकि दूसरा उस इलाके में रहने वाला मजदूर।
मार्बल मार्केट इलाके में देर रात तक पुलिस के उच्चाधिकारी और कमांडों घंटों उसकी तलाश में दौड़ते रहे। जिस स्थान पर उसने गोली मारकर दो लोगों को घायल किया था, उसी के पास एक खाली प्लाट से उसे गिरफ्तार कर लिया गया। किशोर किन हालात में हथियार लेकर भागा, यह अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है। आरंभिक पूछताछ में पता चला है कि छुट्टी नहीं मिलने के कारण वह रोष में था।
मिली जानकारी के अनुसार स्पेशल आपरेशन ग्रुप (एसओजी) में तैनात सेलेक्शन ग्रेड कांस्टेबल बदरदीन पुलिस विभाग में ही कार्यरत अपनी बहन के घर गया था। छन्नी पुलिस लाइन के क्वार्टर में रहने वाली उसकी बहन के घर में13 वर्षीय मोहम्मद अशफाक काम करता था।
अपनी बहन के घर पहुंचने के बाद बदरदीन ने अपनी सर्विस रायफल वहां रखी और मुंह धोने चला गया। इसी दौरान अशफाक रायफल उठाकर फरार हो गया। जब तक बदरदीन को इसका आभास हुआ, वह घर से निकाल चुका था। उसने इसकी जानकारी तत्काल अपने उच्च अधिकारियों को दी। इसके बाद छन्नी हिम्मत इलाके में पुलिस सक्रिय हो गई।
इसी दौरान अशफाक ने एक आटो चालक को रोका और रायफल दिखाते हुए आटो चलाने को कहा। डर के मारे चालक आटो छोड़कर भाग खड़ा हुआ। इसके बाद अशफाक मार्बल मार्केट की पिछली लेन में पहुंचा और खाली प्लाट में बनी झुग्गियों में घुस गया।
झुग्गी में रहने वाले लालजू (मूल निवासी झांसी) ने जब उसे रोका तो उसने उसे गोली मार दी। इससे इलाके में हड़कंप मच गया। इसी दौरान सूचना पाकर उसकी तलाश कर रही पुलिस मौके पर पहुंच गई। अशफाक ने खुद को घिरा देख छन्नी हिम्मत एसएचओ के एसपीओ मोहम्मद रियाज की बायीं ओर चार गोलियां मारी। इसके बाद वह मौके से भाग खड़ा हुआ। दोनों घायलों को तत्काल जीएमसी पहुंचाया गया। जहां उनकी हालत गंभीर बनी हुई थी।
उधर, घटना की जानकारी मिलने के बाद डीआईजी शकील बेग, एसएसपी उत्तम चंद, एसपी शिव कुमार सहित अन्य पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंच गए। किशोर के गोलियां चलाने के कारण पुलिस के कमांडों को भी मौके पर बुला लिया गया।
अशफाक की तलाश में पुलिस इलाके में खाक छानती रही, लेकिन वह भागता रहा। पूरे इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया गया। चारो ओर पुलिस एक्शन में नजर आई। देर रात उसे उन झुग्गियों के पास से अशफाक को गिरफ्तार कर लिया गया, जहां उसने गोलियां चलाईं थीं।
रायफल के साथ युवक को देख डर गई थी पार्वती
घटना की चश्मदीद गवाह और घायल लालजू की बेटी पार्वती ने बताया कि वह घर में दोनों छोटे भाइयोें के पास बैठी थी। उसके पिता ने अभी खाना खाना शुरू किया था। मां पास में ही रोटी बना रही थी। इसी दौरान लगभग 13-14 साल का एक किशोर हड़बड़ाता हुआ झुग्गी में घुसा। उसने जब आवाज देकर पूछा कि कौन हो। झुग्गी में क्यों घुसे तो उसने धमकी दी कि चुप रहो, वरना गोली मार दूंगा।
पार्वती के अनुसार उसके हाथ में रायफल देख वह डर गई और वहां से चिल्लाती हुई पास ही रहने वाले भाई की झुग्गी में घुसकर अंदर से दरवाजा बंद कर लिया। पार्वती की मां राजा बाई ने बताया कि उसके पति ने उसे पूछा कि कौन है तो उसने कुछ कहे बिना उन पर गोली चला दी।
डर के मारे उनकी हालात खराब हो गई। इसके बाद किशोर बाहर की ओर भागा। उसके दोनों छोटे भाई भी पास की झुग्गी में घुस गए। जब उन्होेंने चीखना चिल्लाना शुरू किया तो पुलिस भी मौके पर आ गई। उसके पति और दूसरे घायल को अस्पताल ले जाया गया।