सांबा। जिले में भूविज्ञान, खनन विभाग और पुलिस की मिलीभगत से बसंतर नदी से दूसरे राज्यों से आए खनन माफिया अवैध रूप से खनन के काम में लगे हैं। यह काम दिन ढलते ही धड़ल्ले से काम शुरू हो जाता है। हालांकि विभाग व पुलिस की ओर से कभी कभार कुछ वाहनों को सीज कर खानापूर्ति की जा रही है। जबकि बसंतर नदी से रेत और बजरी के भरे डंपर, टिप्पर, ट्रक मार्ग से ही जाते हैं। यहां कई स्थानों पर पुलिस के नाके लगे होते हैं। यहां से रेत बजरी के वाहन आसानी से निकल जाते हैं, जिससे पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी लोग शक कर रहे हैं।
सांबा में प्रतिबंध के बावजूद अवैध खनन हो रहा है। खनन माफिया दूसरे जिलों में भी रेत बजरी भेज रहे हैं, जबकि स्थानीय लोगों को महंगे दामों पर मिल रहा है। स्थानीय निवासी राजेंद्र सिंह, जोगिंद्र सिंह, पुरुषोत्तम सिंह, चमन लाल, वेद कुमार आदि के अनुसार रात के समय विभिन्न स्थानों पर बेखौफ धड़ल्ले से मशीनों से खनन किया जा रहा है, लेकिन भूविज्ञान एवं खनन विभाग इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है। इसको लेकर लोगों में रोष है। लोगों का कहना है कि विभाग खनन माफिया पर कार्रवाई करे, नहीं तो लोग सड़क पर उतरने को विवश ही जाएंगे।
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दूसरे राज्यों के खनन माफिया सक्रिय
सांबा में दूसरे राज्यों से आए खनन माफिया सक्रिय हैं। वह स्थानीय माफिया से तालमेल कर अवैध खनन कर रहे हैं। यहां पहले रेत 700 रुपये सैकड़ा मिल जाती थी। वही अब 1500 से 2000 रुपये सैकड़ा मिल रही है। बजरी 1500 रुपये सैकड़ा मिलती थी, अब यह 2500 से 3000 रुपये सैकड़ा मिल रही है। खनन माफिया अब रेत व बजरी ले जाने के लिए डंफर टिप्परों की जगह ट्रक का इस्तेमाल कर रहे हैं। क्योंकि वह किसी की नजर में नहीं आता और पुलिस नाकों से भी आसानी से निकल जाते हैं। सांबा के बसंतर नदी से हो रहे खनन की निर्माण सामग्री को उधमपुर व जम्मू के क्षेत्रों में पहुंचाया जा रहा है। यहां पुलिस के कई नाके होने के बावजूद खनन माफिया पर कोई कार्रवाई नहीं होती।
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क्या कहते हैं जिला अधिकारी
भूविज्ञान व खनन विभाग के जिला अधिकारी ने कहा कि उन्हें आए हुए मात्र कुछ दिन हुए हैं। दिन में तो उनके विभाग के अधिकारी बसंतर में सक्रिय रहते हैं ताकि खनन न हो। वहीं उनके द्वारा 25 वाहनों को अवैध खनन के आरोप में सीज भी किया जा चुका है। एसएसपी को भी पत्र लिखकर खनन माफिया पर कार्रवाई करने की मांग की है।
-कुलवंत सिंह, जिला अधिकारी, भूविज्ञान व खनन विभाग, सांबा।