- 2018 में चौआदी और डेली में दी गई थीं जमीन हस्तांतरण की नौ अनुमतियां
- 2019 में शुरू हुई प्रारंभिक जांच, सात साल बाद दर्ज हुआ भ्रष्टाचार का केस
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। जम्मू में गैर मुमकिन खड्ड जमीन के हस्तांतरण की अनियमितता का मामला सामने आने में करीब आठ साल लग गए। वर्ष 2018 में चौआदी और डेली में ऐसी जमीन के हस्तांतरण की नौ अनुमतियां देने के मामले में एसीबी ने अब तत्कालीन सहायक आयुक्त राजस्व (एसीआर) जम्मू निसार अहमद शाद समेत पांच लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। मामले की प्रारंभिक जांच वर्ष 2019 में शुरू हुई थी, लेकिन करीब सात साल बाद 15 सितंबर 2026 को केस दर्ज किया।
एसीबी के अनुसार यह कार्रवाई 2019 में शुरू की गई प्रारंभिक जांच के आधार पर की है। जांच में सामने आया कि 23 मई से 11 जुलाई 2018 के बीच एसीआर जम्मू के पद पर रहते हुए निसार अहमद शाह ने चौआदी और डेली क्षेत्र में दर्ज गैर मुमकिन खड्ड की जमीन के हस्तांतरण या बिक्री की नौ अनुमतियां जारी की थीं। इन अनुमतियों के लिए लागू राजस्व कानूनों, सरकारी आदेशों और हाईकोर्ट के निर्देशों का पालन नहीं किया।
गैर मुमकिन खड्ड के रूप में दर्ज जमीन के संबंध में हस्तांतरण पर नियमों के तहत पाबंदियां थीं। जांच के दौरान पाया कि इन अनुमतियों में तत्कालीन डीसी जम्मू की मंजूरी का उल्लेख किया था। हालांकि जब एसीबी ने डीसी कार्यालय के रिकॉर्ड की जांच की तो न कोई नोटशीट और न औपचारिक अधिकार सौंपने का आदेश मिला। इससे एसीबी को प्रथम दृष्टया सरकारी पद के दुरुपयोग और रिकॉर्ड में गड़बड़ी की आशंका मिली।
इसी आधार पर पूर्व एसीआर और चार निजी लाभार्थियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं के साथ साजिश, जालसाजी और फर्जी दस्तावेज इस्तेमाल करने की धाराओं में एफआईआर दर्ज किया गया है। निशाद वर्तमान में कौशल विकास विभाग उपसचिव के पद पर कार्यरत हैं। एसीबी के अधिकारियों ने कहा कि मामले की जांच जारी है।