संवाद न्यूज एजेंसी
रामगढ़। कमौर गांव (पलौटा) में वीरवार को विवाहिता रिंपी चौधरी की संदिग्ध मौत मामले में पुलिस अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। मायके वालों से दहेज में दिए सामान की सूची मांगी गई है। वहीं, ससुरालियों के आंगन में रिंपी का अंतिम संस्कार करने के बाद मायका पक्ष ने शुक्रवार को अस्थियां चुनीं और पुरमंडल में देविका में प्रवाहित करने के लिए चले गए। मायके वालों ने कहा कि बेटी की हत्या हुई है, जिसके दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
वीरवार की सुबह रिंपी चौधरी (22) की संदिग्ध परिस्थिति में मौत हो गई थी। उसका शव ससुराल में कमरे मिला था। रिंपी की मौत को लेकर ससुराल और मायके के लोगों के बीच काफी हंगामा। इस हंगामे बीच मायके के लोगों ने रिंपी का दाह संस्कार उसकी ससुराल के आंगन में कर दिया था। शुक्रवार को परिवार के लिए उसकी अस्थियां एकत्र करने पहुंचे। इस दौरान रिंपी के पिता जसपाल सिंह, माता निशा चौधरी, बहन रिंकी,भाई लक्की, दादा मोहन सिंह सहित अन्य परिजन, रिश्तेदार व नंदपुर के लोग पलोटा गांव पहुंचे। मायके वालों ने गमगीन माहौल में अस्थियां उठाई व उसके पश्चात तीर्थ स्थल पुरमंडल में देविका में प्रवाहित करने चले गए। मायके वाले जब गांव में पलोटा में अस्थियां चुनने पहुंचे तो उन्होंने एक बार फिर अपनी बेटी की हत्या करने का आरोप लगाया। छोटी बहन रिंकी और भाई लक्की ने आरोप लगाया कि ससुराल वाले रिंपी को दहेज के लिए प्रताड़ित करते थे। उसने कई बार बताया था, लेकिन माता-पिता से यह बात शादी टूटने के डर से छुपाई।
पिता जसपाल सिंह ने कहा कि रिंपी की ससुराल के लोगों ने हमारी लाडली को मार डाला। इस दौरान पंचायत चक छटाका के सरपंच सहित अन्य पंचायत प्रतिनिधि भी मायके वालों के साथ थे।
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पुलिस मामले की निष्पक्ष जांच कर रही है। पोस्टमार्टम की रिपोर्ट आने के बाद ही सच्चाई सामने आएगी। तभी मौत के कारणों का पता चलेगा।
-इंद्रपाल सिंह, थाना प्रभारी, रामगढ़