भारतीय मार्क्सवादी पार्टी (सीपीआई) विधायक एमवाई तारिगामी ने भाजपा की अगुवाई वाली केंद्र की एनडीए सरकार के पाकिस्तान से बातचीत बंद करने के फैसले पर सवाल उठाते हुए वार्ता को बहाल करने पर जोर दिया है। तारिगामी का कहना है कि पेचीदा मसलों का हल वार्ता के माध्यम से ही होता है। केंद्र सरकार पाकिस्तान उच्च आयुक्त की कार्यशैली या फिर युद्ध विराम के उल्लंघन के मसलों को जोरदार तरीके से बातचीत के माध्यम से भी उठा सकती है। बातचीत बंद करना मसलों का हल नहीं है।
तारिगामी ने बुधवार को संवाददाता सम्मेलन में कहा कि भारत पाकिस्तान के मध्य वार्ता से ही समस्याओं का हल हो सकता है और जम्मू कश्मीर के लोगों को राहत मिल सकती है। उन्होंने कहा कि बातचीत बंद होने से समस्या का हल नहीं होगा, बल्कि समस्या ज्यादा विकराल होगी। उन्होंने इस अवसर पर भाजपा का नाम लेकर आरोप लगाया कि विधानसभा चुनाव के करीब वोटों के ध्रुवीकरण की कोशिशें तेज हो चुकी हैं।
उन्होंने कहा कि वोटों के ध्रुवीकरण की वजह से रियासत की धर्म निरपेक्ष संस्कृति को नुकसान पहुंचाने का भी प्रयास किया जा रहा है। तारिगामी ने इस अवसर पर सीमा के करीब रहने वाले लोगों की समस्याओं का जिक्र करते हुए कहा कि युद्ध विराम के उल्लंघन की वजह लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इसलिए सरकार को चाहिए कि वह सीमांत ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों में पांच-पांच मरले के प्लाट और उसमें शेल्टर के लिए राशि मुहैया करवाये ताकि युद्ध विराम के उल्लंघन की स्थिति में लोग सुरक्षित स्थानों पर आ सकें। इस अवसर पर पार्टी महासचिव ओम प्रकाश भी मौजूद रहे।