जम्मू कश्मीर के बोर्ड ऑफ प्रोफेशनल एंट्रेंस एग्जाम का एक अजीब कारनामा सामने आया है। बोर्ड ने पालीटेक्निक परीक्षा के लिए एक गाय को प्रवेश पत्र जारी कर दिया है। इस गाय की ओर से बाकायदा फीस की राशि भी अदा की गई है।
गाय के लिए परीक्षा में बैठने की सीट भी आवंटित की गई है। मामला पकड़ में आने के बाद रियासत सरकार ने जांच शुरू कर दी है। पूरे प्रकरण पर चुटकी लेते हुए पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा है कि उन्हें उस वक्त का इंतजार है जब गाय परीक्षा में बैठेगी।
नेशनल कांफ्रेंस के नेता जुनेद अजीम मट्टू ने कटाक्ष करते हुए इसे शिक्षा व्यवस्था में अद्भुत सुधार की संज्ञा दी। घटना तब चर्चा में आई जब जम्मू कश्मीर नेशनल कांफ्रेंस के प्रवक्ता जुनेद अजीम मट्टू ने ट्विटर पर एक एडमिट कार्ड की फोटो अपलोड की जिसमें गाय की तस्वीर थी।
अलॉट हुई सीट भी
जुनेद द्वारा जो एडमिट कार्ड अपलोड किया गया था उसके अनुसार अगले हफ्ते बीओपीईई (बोर्ड ऑफ प्रोफेशनल एंट्रेस एक्जामिनेशंस) की होने वाली परीक्षा के लिए एक गाय के नाम पर एडमिट कार्ड जारी किया गया है।
बीओपीईई ने पालीटेक्निक के लिए होने वाले एंट्रेंस एग्जाम के लिए काचिर गाय (भूरी गाय) के नाम पर एडमिट कार्ड जारी किया है जिसमें गाय के पिता का नाम गूरा दंड (लाल सांड) बताया गया है।
इसमें जन्मतिथि 1 जनवरी, 1997 बताई गई है। परीक्षा में बैठने वाली गाय का रोल नंबर 257394 है जिसे 10 मई को होने वाले एंट्रेंस एग्जाम में गवर्नमेंट डिग्री कालेज, बेमिना में बैठने के लिए एक सीट आवंटित की गई है।
गाय की ओर से फीस का हुआ बाकायदा भुगतान
ट्विटर पर जुनेद ने लिखा है कि बीओपीईई ने यह अनुक्रमांक पर्ची जांच के बाद गाय के नाम पर जारी की है। मेरे पास आवेदक ‘काचिर गाय’ के लिए प्रोविजनल कन्फर्मेशन पेज के साथ-साथ उसने बीओपीईई को जो भुगतान किया उसका ब्योरा भी है।
मट्टू ने दावा किया है कि राज्य सरकार के आदेश पर अब बीओपीईई की साइट से एडमिट कार्ड के रिकॉर्ड वापस ले लिए गए हैं। उन्होंने शिक्षा मंत्री नईम अख्तर से कहा कि उनके आने से शिक्षा के क्षेत्र में नया कीर्तिमान स्थापित करने वाली प्रगति हो रही है।
पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने ट्विटर पर लिखा कि यह बहुत बढि़या है, मैं काचिर गाय के परीक्षा में उपस्थित होने की कामना करता हूं। उन्होंने यह भी लिखा कि इस मामले में आरटीआई दायर कर परीक्षा में बैठने वाली गाय के दस्तावेजों की जानकारी हासिल की जा सकती है।
सॉफ्टवेयर की वजह से हुई ये गड़बड़ी
बीओपीईई के कंट्रोलर फारूक अहमद मीर के अनुसार अधिकारियों के पास ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कुछ नहीं है। सारे आवेदन अब आनलाइन भरे जाते हैं। फोटो की पहचान करने का एक सॉफ्टवेयर होता है जो मानव चेहरे और पशु की तस्वीर के बीच अंतर नहीं कर सकता। एडमिट कार्ड पर उनके हस्ताक्षर पर के बारे में उन्होंने कहा कि सिस्टम जनरेटेड हस्ताक्षर हैं।
शिक्षा मंत्री नईम अख्तर ने कहा कि यह बड़ी चूक है जिसको लेकर जांच होगी। उन्होंने कहा कि वह बीओपीईई के चेयरमैन से इसको लेकर पूछताछ करेंगे। इस पूरे घटनाक्रम को अब्दुल रशीद भट ने सिस्टम की जांच के लिए अंजाम दिया। उनका कहना है कि सिस्टम को चेक करने के लिए उन्होंने ऐसा किया था।
उन्होंने पूरी प्रक्रिया सही तरीके से पूरी की तो उन्हें गाय के नाम से एडमिट कार्ड पाने में सफलता हासिल हुई। इस पर कार्रवाई के बारे में पूछने पर भट ने कहा कि उनके पास बैंक रसीद आदि सब दस्तावेज हैं जो विभाग की खामियां उजागर करते हैं।