सांबा। जिला न्यायालय परिसर में प्री-लोक अदालत में सड़क हादसे से जुड़े एक मामले का निपटारा आपसी समझौते से किया गया। सब जज मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सांबा स्मृति शर्मा की अध्यक्षता वाली पीठ ने आरोपी केवल कृष्ण निवासी गलाड को एक हजार रुपये का जुर्माना लगाकर बरी कर दिया।
अदालत के समक्ष पेश हुए घायल सुभाष चंद्र और अनीता देवी ने बताया कि उन्होंने आरोपी के साथ बिना किसी दबाव के समझौता कर लिया है। दोनों ने कहा कि वे दर्ज अपराधों को कंपाउंड करना चाहते हैं। अदालत ने बयान दर्ज करने के बाद इसे स्वीकार करते हुए माना कि समझौते का प्रभाव बरी किए जाने के समान है। हालांकि, आरोपी ने धारा 279 आईपीसी (लापरवाह वाहन चलाना) के आरोप में स्वेच्छा से दोष स्वीकार किया। अदालत ने यह सुनिश्चित किया कि स्वीकारोक्ति बिना किसी दबाव के है। परिस्थितियों और आरोपी के पूर्व रिकॉर्ड को देखते हुए कोर्ट ने उसे जुर्माना और अदालत के उठने तक कारावास की सजा सुनाई। जुर्माने की राशि मौके पर जमा कर दी गई। अदालत ने वाहन से संबंधित जब्त दस्तावेज सही दावेदार को सौंपने और जमानत बांड समाप्त करने के आदेश भी दिए। संवाद