- अदालत ने कार्रवाई की मांग को किया अस्वीकृत
संवाद न्यूज एजेंसी
सांबा। प्रिंसिपल सेशन जज सांबा अश्वनी शर्मा की अदालत ने एक महत्वपूर्ण आदेश में अभियोजन की ओर से दायर अर्जी को खारिज कर दिया है जिसमें एक गवाह के खिलाफ झूठी गवाही की कार्रवाई शुरू करने की मांग की गई थी। अभियोजन ने शिकायतकर्ता और गवाह जोगिंदर सिंह पर आरोप लगाया था कि उन्होंने वर्ष 2014 में दर्ज एफआईआर के मामले में न्यायिक कार्यवाही के दौरान जान-बूझकर अपनी गवाही बदलकर अभियोजन का केस कमजोर किया।
अभियोजन का कहना था कि जोगिंदर सिंह ने पहले सीआरपीसी के तहत दर्ज बयान में पूरे मामले को समर्थन दिया था लेकिन अदालत में पेश होने पर वह पलट गए और सच को दबाया। इस आधार पर कार्यवाही की मांग की गई थी।
अदालत ने आदेश में स्पष्ट किया कि सीआरपीसी की संबंधित धारा के तहत किसी गवाह के खिलाफ कार्रवाई तभी संभव है जब अदालत फैसला सुनाते समय यह दर्ज करे कि गवाह ने जान-बूझकर झूठ बोला या साक्ष्य गढ़ा। जज ने कहा कि अभियोजन की ओर से लगाई गई अर्जी के साथ न तो संबंधित मामले की जजमेंट की प्रति लगाई गई और न ही यह दर्शाया गया कि अदालत ने अपने किसी आदेश में गवाह के झूठ बोलने की पुष्टि की है। इन कानूनी कमियों पर अदालत ने कहा कि अभियोजन की अर्जी कानूनन पोषित नहीं है और इसे खारिज किया जाता है।