बेंच को सौंपे एक अप्रैल तक के लंबित आवेदन, हाईकोर्ट के जस्टिस करेंगे सुनवाई
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट में लंबित जमानत के 93 और क्रिमिनल अपील के चार आवेदनों का त्वरित निपटान होगा। एक अप्रैल तक के ऐसे लंबित आवेदन बेंच को सौंपे गए हैं। जिन मामलों में आरोपी हिरासत में हैं और जो जम्मू विंग में निपटारे के लिए लंबित हैं उन्हें प्राथमिकता दी जाएगी।
बता दें कि क्रिमिनल अपील एक कानूनी प्रक्रिया है, जिसके तहत निचली अदालत के दोषी ठहराए जाने या सजा सुनाए जाने के बाद आरोपी हाईकोर्ट में फैसले की समीक्षा के लिए आवेदन करता है। यह भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के तहत शासित होती है जिसे पुराने सीआरपीसी के स्थान पर लागू किया गया है। इस अपील में सजा को निलंबित करने या बरी करने की मांग की जा सकती है।
मामलों में जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट के जस्टिस फिजिकल और वर्चुअल माध्यम से सुनवाई करेंगे। क्रिमिनल अपील का एक मामला 2012 का है। इन सभी मामलों की सुनवाई पर रोस्टर का कोई असर नहीं पड़ेगा। हाईकोर्ट की रजिस्ट्रार ज्यूडिशियल स्वाति गुप्ता की ओर से चीफ जस्टिस अरुण पल्ली की मंजूरी के बाद इस संबंध में आदेश जारी किया गया है। जिन जजों की सिंगल बेंच को ये मामले सौंपे गए हैं उनमें जस्टिस सिंधु शर्मा, जस्टिस रजनीश ओसवाल, जस्टिस राहुल भारती, जस्टिस मोक्षा खजूरिया काजमी, जस्टिस राजेश सेखरी, जस्टिस मोहम्मद यूसुफ वानी और जस्टिस शहजाद अजीम शामिल हैं।