जम्मू। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाईकोर्ट ने कठुआ जिले के बसोहली थाने में दर्ज एफआईआर संख्या 61/2025 पर रोक लगा दी है। यह एफआईआर पंजाब के दो मजदूरों के खिलाफ दर्ज की गई थी, जिन्होंने पुलिस हिरासत में मारपीट और यातना का आरोप लगाया है।
याचिकाकर्ता सुकर दीन और फरीद मोहम्मद, जो पठानकोट के रहने वाले हैं, ने अदालत से गुहार लगाई थी कि उनके खिलाफ दर्ज मामला रद्द किया जाए और उन्हें पचास-पचास लाख रुपये का मुआवजा दिया जाए। उनका कहना है कि आधी रात को बसोहली पुलिस ने उन्हें बेरहमी से पीटा और इसके बाद सच्चाई छिपाने के लिए झूठा मुकदमा दर्ज कर दिया गया।
याचिकाकर्ताओं के वकील ने अदालत को बताया कि 30 जून, 2025 को मुंसिफ कोर्ट, बसोली ने पुलिस रिमांड देने से इनकार कर दिया था। मजिस्ट्रेट ने अपने आदेश में लिखा कि दोनों आरोपी गंभीर रूप से घायल थे और सुप्रीम कोर्ट की डीके बसु गाइडलाइनों का उल्लंघन हुआ है।
न्यायमूर्ति विनोद चटर्जी कौल ने याचिका पर सुनवाई करते हुए गृह सचिव, पुलिस महानिदेशक, जम्मू के आईजी, कठुआ के एसएसपी और बसोहली थाने के प्रभारी को नोटिस जारी किया है। अदालत ने एफआईआर की कार्यवाही पर अगले आदेश तक रोक लगाते हुए मामले की अगली सुनवाई 18 अक्टूबर, 2025 तय की है। जेएनएफ