श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख उच्च न्यायालय ने उन अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं, जिनके कार्यकाल में अनधिकृत निर्माण, भवन निर्माण की अनुमति का उल्लंघन हुआ है।
न्यायमूर्ति विनोद चटर्जी कौल की पीठ ने कहा, हाल ही में सर्वोच्च न्यायालय ने माना है कि केवल प्रशासनिक देरी, समय बीतने या मौद्रिक निवेश के आधार पर अनधिकृत निर्माण को वैध नहीं ठहराया जा सकता है।
श्रीनगर में दो भाइयों द्वारा निर्माण कार्य में शर्तों का उल्लंघन किए जाने के मामले पर अदालत ने कहा कि प्राधिकारियों को उन अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए जो उस समय इस मामले की देखरेख कर रहे थे।