- कैट ने कहा- देश की अनदेखी कर एक्सईएन ने खुद फैसला सुनाया, यह अदालत की अवमानना
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण (कैट) ने जलशक्ति विभाग के कार्यकारी अभियंता (एक्सईएन) को तलब किया है। कैट ने कहा कि एक्सईएन ने अदालत के आदेश की अनदेखी की और खुद को ऊपरी अधिकारी मानते हुए कर्मचारी का मामला खारिज कर दिया।
मामला सुनीता शर्मा बनाम अतिरिक्त मुख्य सचिव और अन्य शालीन काबरा और अन्य का है। इस मामले में कैट ने तीन अप्रैल, 2025 को आदेश दिया था कि एक कर्मचारी को साल 2018 से नाममात्र के आधार पर नियमित किया जाए, जैसे बाकी कर्मचारियों को किया गया था। यह आदेश आठ हफ्तों के अंदर लागू करने को कहा गया था। सचिव और मुख्य अभियंता को दिए गए इस आदेश पर अमल करने की बजाय जल शक्ति विभाग के एक्सईएन ने खुद ही मामला ठुकरा दिया। इस पर कैट ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि एक्सईएन को ऐसा करने का कोई अधिकार नहीं था।
कैट ने टिप्पणी की कि एक्सईएन का यह रवैया ऐसा है, जैसे वह अदालत से ऊपर हों। अधिकरण ने कहा कि यह अदालत के आदेश में हस्तक्षेप और उसकी अवमानना के समान है। कैट ने एक्सईएन को अगली सुनवाई पर खुद पेश होकर अपनी सफाई देने का निर्देश दिया है। साथ ही, जल शक्ति विभाग को दो हफ्तों के भीतर पूरी रिपोर्ट पेश करने को कहा गया है। मामले की अगली सुनवाई 25 नवंबर को होगी।