हाईकोर्ट ने कहा, यह नियुक्ति कैडर पात्रता नियमों का उल्लंघन
जम्मू। जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख हाईकोर्ट ने केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण (कैट) के उस फैसले को बरकरार रखा जिसमें डाॅ. मुश्ताक अहमद को परिवार कल्याण, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य एवं टीकाकरण के निदेशक का अतिरिक्त प्रभार सौंपने के सरकारी आदेश को रद्द कर दिया गया था। न्यायाधीश संजीव कुमार व संजय परिहार की खंडपीठ ने याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि यह नियुक्ति कैडर पात्रता नियमों का उल्लंघन है।
कोर्ट ने रिट याचिका को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि वह जम्मू-कश्मीर चिकित्सा (राजपत्रित) सेवा से जुड़े हैं। जम्मू-कश्मीर स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण (राजपत्रित) सेवा भर्ती नियम 2013 के तहत फीडर कैडर का हिस्सा नहीं हैं। परिवार कल्याण निदेशक का पद केवल स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण सेवा की श्रेणी दो, श्रेणी ए और बी से पदोन्नति या सीधी भर्ती के माध्यम से भरा जा सकता है। किसी अन्य सेवा से स्थानांतरण का कोई प्रावधान नहीं है।
टिप्पणी करते हुए कोर्ट ने कहा कि जब सरकार को किसी पद के लिए अयोग्य व्यक्ति को चुनना हो तो उसे किसी अन्य सेवा से किसी को लाने के बजाय उसी सेवा के भीतर से किसी को चुनना चाहिए। 2013 के नियमों के अनुसार परिवार कल्याण निदेशक का पद स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण (राजपत्रित) सेवा के भीतर से या तो सीधी भर्ती द्वारा या निर्धारित अनुपात में नामित फीडिंग कैडर से पदोन्नति द्वारा भरा जाना है। नियमों के तहत किसी अन्य सेवा से स्थानांतरण द्वारा नियुक्ति को मान्यता नहीं दी जाती है। जेएनएफ