जम्मू। डिवीजन बैंच के मुख्य न्यायाधीश पंकज मित्थल और न्यायमूर्ति मोहन लाल ने मूक-बधिर आबादी को लाभ पहुंचाने के लिए नई कार्रवाई रिपोर्ट दो सप्ताह के अंदर दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।
अदालत ने 15 फरवरी 2021 के आदेश पर संज्ञान लिया है। पुंछ के परालकोट गांव के संदर्भ में 29 नवंबर 2018 को प्रकाशित कुछ समाचारों के आधार पर यहां अधिकांश आबादी मूक-बधिर पाई गई है। इस पर अदालत ने स्वत: संज्ञान लेते हुए कार्रवाई की है।
अध्ययन से पता चलता है कि गांव में लगभग 140 व्यक्ति हैं, जिनमें 23 परिवार हैं। इसमें से 16 व्यक्ति मूक-बधिर हैं। सरकार ने प्रत्येक को एक हजार रुपये प्रति माह पेंशन मंजूर की है।
पुनर्वास उपायों के रूप में व्यावसायिक कौशल विकास पाठ्यक्रम स्थापित करने का भी प्रस्ताव है। अब जम्मू विश्वविद्यालय की रिपोर्ट के साथ-साथ सरकार के सुझावों या प्रस्तावों को रिकॉर्ड में लाने के लिए नई कार्रवाई रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया।