जम्मू। हाईकोर्ट ने जम्मू-कश्मीर और लद्दाख से बाहर के लोगाें का आपराधिक रिकॉर्ड तलब किया है। एक याचिका की सुनवाई के दौरान कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश राजेश बिंदल और जस्टिस पुनीत गुप्ता की खंडपीठ ने रजिस्ट्रार जनरल से कहा कि वे दोनों प्रदेशों से बाहर के लोगों की पूरी सूची उपलब्ध करवाएं। इसमें आपराधिक और सिविल मामलों का रिकॉर्ड दर्शाया जाए।
मामले में याचिका दायर करने वाले बाल कृष्ण ने कोर्ट में कहा कि उसके खिलाफ अनंतनाग में आरपीसी की धारा 420, 467 और 468 के तहत मामला दर्ज है। याची ने कहा कि उस पर लगाए गए सभी आरोप बेबुनियाद हैं। लंबित याचिका के हवाले से कोर्ट में कहा गया कि प्रदेश में रह रहे जम्मू-कश्मीर के बाहरी लोगों पर बड़ी संख्या में मामले दर्ज होते हैं। ज्यादातर मामलों के पीछे का मकसद प्रताड़ित कर पैसे एेंठना होता है। कोर्ट ने दक्षिण कश्मीर के मामलों की जानकारी मांगी थी, जिसके जवाब में अनंतनाग, पुलवामा, शोपियां और कुलगाम का रिकॉर्ड कोर्ट में पेश किया गया, लेकिन इसमें फौजदारी और दीवानी मामलों की अलग से जानकारी नहीं थी। खंडपीठ ने कहा कि अब दोनों प्रदेशों का पूरा रिकॉर्ड पेश किया जाए, जिसमें फौजदारी और दीवानी मामलों का अलग-अलग ब्योरा हो।