जम्मू संभाग में मेंढर मुंसिफ कोर्ट की जर्जर हालत पर हाईकोर्ट ने गुस्सा जाहिर किया है। पीडब्ल्यूडी विभाग के आयुक्त सचिव और चीफ इंजीनियर के अलावा पुंछ ग्रामीण विकास विभाग के एक्सईएन को निजी तौर पर हाईकोर्ट में पेश होने का आदेश दिया है।
मेंढर बार एसोसिएशन की ओर से हाईकोर्ट में इसे लेकर जनहित याचिका दायर की गई थी। सोमवार को चीफ जस्टिस गीता मित्तल और जस्टिस विनोद कौल वाली खंडपीठ ने मामले पर सुनवाई की। मेंढर बार एसोसिएशन ने मेंढर मुंसिफ कोर्ट की जर्जर हालत का मामला उठाया था।
एडवोकेट अबरार खान ने कोर्ट में मेंढर बार की ओर से दलीलें पेश की। खंडपीठ ने महसूस किया कि बार बार कहने पर पुंछ पीडब्ल्यूडी के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर ने रिपोर्ट पेश नहीं की। खंडपीठ ने गुस्सा जाहिर करते हुए कहा कि 2014 में रिपेयर करने के लिए फंड मंजूर किया गया था, लेकिन अब तक कोई काम नहीं हुआ। यह एक गंभीर मामला है।