उधमपुर बम विस्फोट में शामिल आरोपी लश्कर आतंकी अब्दुल मजीद (निवासी थन्नामंडी, राजोरी) को प्रिंसिपल सेशन जज उधमपुर आरएस जैन की अदालत ने दोषी करार दिया है।
अदालत ने उसे आरपीसी की धारा 302, 307, 326, 324, 120-बी के अलावा विस्फोटक सामग्री अधिनियम और गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम के तहत दोषी पाया। आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। सजा के निर्धारण के लिए बहस वीरवार को होगी।
अभियोजन के अनुसार आरोपी अब्दुल मजीद पाकिस्तान के आतंकी संगठन लश्कर-ए-तोयबा के सदस्य गुलाम सरवर के साथ रियासत में आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने में संलग्न था।
दो मई 2011 की सुबह लगभग साढ़े आठ बजे उधमपुर स्थित ब्रिमा ब्रिज के पास धनोरी इलाके में आरोपी गुलाम सरवर एक मारुति कार (डीएल 3 सीएफ 8035) में आरडीएक्स लेकर पहुंचा और उसे रिमोट कंट्रोल से उड़ा दिया। यह कार अब्दुल मजीद ने खरीदी थी।
सेना मुख्यालय के पास हुई इस वारदात में सेना के मेजर जनरल डीएस पठानिया बाल-बाल बच गए थे। जबकि उनकी कार (06 बी 094894 एच) बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई थी। वहां से दूध लेकर गुजर रहे कुलदीप कुमार की मौत हो गई थी। छह अन्य लोग जख्मी हो गए थे।
इस मामले में उधमपुर पुलिस थाने में हत्या का मामला दर्ज किया गया। जांच के बाद आरोपी अब्दुल मजीद और गुलाम सरवर के खिलाफ चालान अदालत में पेश किया गया। आरोपी सरवर गिरफ्तार नहीं किया जा सका। वह अब भी फरार है। उसके खिलाफ सीआरपीसी की धारा 512 के तहत कार्यवाही की गई।