कारगिल में भारतीय सेना के जांबाज जब अपने अदम्य साहस से घुसपैठियों को वापस जाने को मजबूर कर रहे थे, उस समय उनके सामने उच्च पर्वतीय क्षेत्रों से संचार नेटवर्क एक बड़ी चुनौती बनकर सामने आई।
पहले से इस इलाके में आधुनिक संचार नेटवर्क नहीं होने से जवानों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था, लेकिन इस चुनौती को सिगनल कोर ने सफलतापूर्वक पार कर लिया।
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इसे सिगनल कोर ने एक बड़े अवसर के रूप में लिया और भीषण गोलाबारी के बीच हर तरफ तरफ सेना के लिए संचार नेटवर्क खड़ा कर दिया। इसमें उच्च पर्वतीय क्षेत्र और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों से जूझते हुए इलेक्ट्रोमैग्नेटिक स्पेक्ट्रम बेहतर उपयोग किया।
इस नेटवर्क के स्थापित होने के बाद कारगिल युद्ध की पूरी तस्वीर बदल गई। आज भी जब कारगिल युद्ध की बात होती है तो सेना की सिगनल कोर की सरहना जरूर की जाती है।