राजोरी। राजोरी में जैसे-जैसे कोरोना के मरीज़ों की संख्या बढ़ती जा रही है, वैसे-वैसे उन्हें रखने के लिए बनाए कोविड केयर सेंटर में मिलने वाली सुविधाओं की पोल भी खुलती जा रही है। जबसे राजोरी में संक्रमितों की संख्या बढ़ रही है, तबसे कोविड केयर सेंटर में रखे मरीजों को परेशानियां भी बढ़ गई हैं। वहीं वीरवार को सरानू पंचायत के पंचों सरपंचों ने खुद का कोविड केयर सेंटर बनाने का दावा किया।
सरपंच आरती शर्मा और नायब सरपंच करनैल सिंह ने बताया कि सरानू पंचायत से अब तक चार केस आए हैं। चारों को राजोरी में बनाए गए कोविड केयर सेंटर में रखा गया है। लेकिन उन सेंटरों में कोई भी सुविधा नहीं मिल रही है। सुबह शाम सभी मरीज फोन करके आपबीती सुनाते हैं। वह बताते हैं कि न तो खाना समय पर मिलता है न ही साफ -सफाई का ध्यान रखा जाता है। न ही कोई अन्य सुविधाएं दी जा रही हैं।
पंचों-सरपंचों ने बताया कि कोरोना से लड़ने के लिए अब तक कोई दवाई नहीं बनी है। इसलिए प्रशासन को चाहिए कि वह राजोरी में बनाए गए कोविड केयर सेंटर में रखने के बजाय पंचायत स्तर पर ही लोगों की मदद से कोविड केयर सेंटर बनाए, ताकि लोगों को असुविधा का सामना नहीं करना पड़े। वहीं पंचों सरपंचों ने जिला प्रशासन के प्रति रोष जताते हुए कहा कि यदि उनके क्षेत्र से कोई भी कोरोना पॉजिटिव मरीज पाया जाता है तो वह उसे राजोरी नहीं भेजेंगे, बल्कि अपने खुद के बनाए कोविड केयर सेंटर में रखेंगे। उन्होंने कहा कि यदि प्रशासन किसी पॉजिटिव मरीज को जबरदस्ती राजोरी ले जाना चाहेगा, तो पंचायत के सभी लोग उसका कड़ा विरोध करेंगे, चाहे उसके लिए कुछ भी क्यों न करना पड़े।