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डीसी कार्यालय से निराश होकर लौटे फरियादी

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जम्मू। कोरोना वायरस के पॉजिटिव मामलों को देखते हुए मंगलवार से सचिवालय और डीसी कार्यालय में आम लोगों के प्रवेश पर रोक रही। इससे पहले दिन ही बड़ी संख्या में दोनों जगहों पर पहुंचे लोगों को परेशानी झेलनी पड़ी। दोनों ही स्थानों पर लोग घंटों बाहर खड़े रहे। हालांकि, आम लोगों के प्रवेश की जानकारी पहले ही दी गई थी।
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डीसी कार्यालय में जिला प्रशासन की ओर से बॉक्स स्थापित किया गया था, जिसमें कार्यालय पहुंच रहे लोगों से आवेदन लेकर बाक्स में डाले जा रहे थे। इसमें आवेदनकर्ता का पता और मोबाइल नंबर लिया जा रहा था, ताकि संबंधित कार्यालय की ओर से उन्हें फोन पर उनके आवेदन या शिकायतों की स्थिति के बारे में जानकारी दी जाए। इसके अलावा सीपीओ डाक बाक्स लगाया गया था, जिसमें सभी डाक को लिया जा रहा था। डीसी कार्यालय के प्रमुख गेट को बंद कर दिया गया है। इसमें किसी भी आम व्यक्ति को भीतर नहीं जाने दिया गया। इससे कार्यालय के बाहर भी एफिडेवेट आदि के लिए लोगों की रौनक कम रही।
जरूरी कार्यों से आने वालों का समाधान जरूरी
पुंछ बोहड़ी निवासी सतीश कुमार ने बताया कि वह दोपहर 12:30 बजे डीसी कार्यालय पहुंचे थे। उन्हें किसी काम से सहायक डीसी से मिलना था, लेकिन उन्हें भीतर नहीं जाने दिया गया और उन्हें 31 मार्च के बाद पता करने को कहा गया। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस को लेकर यह व्यवस्था जरूरी है, लेकिन ऐसी व्यवस्था भी की जानी चाहिए जिसमें जरूरी कार्यों के लिए आ रहे लोगों की समस्याओं का समाधान हो सके। इसी तरह त्रिकुटा नगर निवासी प्रेम सिंह ने कहा कि वह एयरपोर्ट पर दी गई अपनी 5 कनाल 16 मरले जमीन के मुआवजे के मामले को लेकर डीसी से मिलने आए थे, लेकिन उन्हें मिलने नहीं दिया गया। इससे वह मुख्य गेट के बाहर की खड़े रहे। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस के चलते आम लोगों के जरूरी कार्य प्रभावित होंगे। सचिवालय में रोजाना हजारों आम लोगों की आवाजाही होती है, लेकिन मंगलवार को किसी भी व्यक्ति को भीतर जाने की इजाजत नहीं दी गई। कार्यालयों में सचिवालय का कर्मचारी स्टाफ ही मौजूद रहा।
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