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लॉकडाउन के बीच अनूठी मिसालः यहां दो हजार लोगों ने त्यागा एक वक्त का खाना, उद्देश्य- कोई भूखा न रहे

Thu, 09 Apr 2020 02:01 PM IST
प्रशांत कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
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पंचायत प्रतिनिधियों और ग्रामीणों की सहमति से प्रस्ताव पारित - फोटो : अमर उजाला
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देशव्यापी लॉकडाउन के बीच जम्मू संभाग में कठुआ जिले की बोरथैन नॉर्थ पंचायत अनूठी मिसाल कायम करने जा रही है। पंचायत ने प्रस्ताव पारित किया है कि गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को छोड़कर पूरी पंचायत के लोग एक वक्त का भोजन त्यागेंगे।

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पंचायत प्रतिनिधियों ने प्रस्ताव पास करते हुए पूरी तरह से लॉकडाउन सुनिश्चित करने की भी ठान ली है। इसके लिए वार्ड स्तर पर निगरानी कमेटियों का गठन किया है। ग्रामीण मिल-जुलकर एक-दूसरे के खेतों में खड़ी फसलों की कटाई करने के साथ-साथ आपस में एक-दूसरे की देखभाल करेंगे।




सरपंच शिव देव सिंह ने बताया कि बुधवार को विभिन्न वार्डों में पंचों और स्थानीय लोगों के साथ सामाजिक दूरी का ध्यान रखते हुए अहम बैठकें की गईं। पंचायत प्रतिनिधियों और ग्रामीणों की सहमति से कई प्रस्ताव पारित किए गए।

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गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को छोड़कर सभी सदस्य छोड़ेंगे एक वक्त का खाना

उन्होंने बताया कि कोरोना महामारी के बीच यह पंचायत सरकार पर बोझ नहीं बनना चाहती है। ऐसे में सभी परिवार अपने राशन को सूझबूझ के साथ इस्तेमाल करेंगे। फैसला लिया गया है कि गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को छोड़कर पंचायत के सभी सदस्य एक वक्त का खाना छोड़ेंगे।

क्षेत्र के 80 फीसदी लोग खेतीबाड़ी से जुड़े हैं, ऐसे में उनका एक वक्त का राशन भी बचेगा और उन्हें सरकार से मदद की जरूरत भी नहीं पड़ेगी। इस अभियान में पंचायत के दो हजार से अधिक लोग योगदान देंगे।

श्रमिक वर्ग के हित को ध्यान में रखते हुए पंचायत ने फैसला लिया है कि जो लोग फसलों की कटाई में आगे आएंगे। ऐसे लोगों को कटाई करवाने वाले परिवार मेहनताना भी देंगे, लेकिन पंचायत के अन्य सदस्य मिल-जुलकर एक-दूसरे की फसलों की कटाई और उसे समेटने का काम करेंगे।
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गोमूत्र और नीम के पत्ते उबालकर हर घर में छिड़काव

इसका एक बड़ा मकसद यह भी है कि पंचायत ने अपने स्तर पर फैसला लेते हुए पूरी पंचायत का लॉकडाउन सुनिश्चित कर दिया है। जिसे वार्ड स्तर पर गठित युवाओं की कमेटियां अमल में लाएंगी। किसी भी बाहर के व्यक्ति को पंचायत में आने की अनुमति नहीं है और न ही पंचायत का कोई व्यक्ति फैसले के बाद बाहर जा पाएगा।

कोरोना संक्रमण रोकने के लिए पंचायत ने क्षेत्र से बड़े पैमाने पर गोमूत्र और नीम के पत्ते भी इकट्ठे किए हैं, जिसे उबालकर हर घर में छिड़काव किया जा रहा है। पंचायत की ओर से प्रशासन को मदद स्वरूप पका हुआ खाना महिला कमेटी की सदस्य उपलब्ध करवाएंगी, वहीं पांच हजार मास्क भी प्रशासन को निशुल्क उपलब्ध करवाए जाएंगे। बाहरी राज्यों के 32 लोग पंचायत में फंसे हुए हैं। उनको राशन और भोजन आदि की व्यवस्था भी पंचायत की ओर से की जा रही है।
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