इस बीच कश्मीर के डिवीजनल कमिश्नर द्वारा मौत को लेकर जांच भी बैठाई गई थी। शुरुआती जांच में पाया गया कि बुजुर्ग 21 मार्च को स्किम्स बेमिना इलाज के लिए गया था। मरीज की ओपीडी टिकट के अनुसार उसे आठ मार्च से ही तेज बुखार, छाती में दर्द के साथ सूखी खांसी के लक्षण थे, जिसकी ट्रैवल हिस्ट्री यूपी, दिल्ली, श्रीनगर, जम्मू और अंडमान निकोबार की थी। इस सबके बावजूद उसे जाने दिया गया, जो बाद में पॉजिटिव पाया गया।
जिला उपायुक्त डॉ. शहीद इकबाल चौधरी ने कहा कि अभी तक अधिकतर मामले जो पॉजिटिव पाए गए हैं, वो पहले संक्रमित पाए गए मरीजों के करीबी हैं। कई की तो प्रदेश से बाहर की ट्रैवल हिस्ट्री भी नहीं है, जो बड़ी चिंताजनक बात है।
ऐसे कई लोग बड़ा खतरा बने हुए हैं, जो विदेश से लौटने के बाद भी ट्रैवल हिस्ट्री नहीं बता रहे हैं। उनसे बार-बार प्रशासन द्वारा अपील की जा रही है। यहां तक कि श्रीनगर जिला प्रशासन ने अपनी और अपने पड़ोस की जानकारी देने के लिए ‘तलाश’ नाम से एप और वेबसाइट भी शुरू की है। यह भी कहा जा रहा है कि ट्रैवल हिस्ट्री छिपाने वाले के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
11 पारिवारिक सदस्यों के टेस्ट नेगेटिव
श्रीनगर के हैदरपोरा के 65 वर्षीय बुजुर्ग जो कोरोना वायरस के पहले संक्रमित शख्स थे, उनके परिवार के कई लोगों को एकांतवास में रखा गया था। उन सभी के सैंपल भी लिए गए थे, जिनमें से 11 लोगों के सैंपल नेगेटिव आए हैं। उनमें मृतक की बेटी, बेटा, बहू, दो नौकर और एक डॉक्टर जो रिश्तेदार भी हैं, शामिल हैं।