बाड़ी ब्राह्मणा। जहां एक ओर कोरोना वायरस का साया पड़ा हुआ है। दूसरी ओर स्वास्थ्य विभाग इसे हल्के में ले रहा है। जानकारी के अनुसार शीतल पेय बनाने वाली कंपनी के 28 कर्मचारी कोविड-19 अस्पताल जेके ईडीआई ने भर्ती थे। इनकी पहली रिपोर्ट पॉजिटिव पाई। इनकी दूसरी बार जो सैंपलिंग की गई वह निगेटिव आई। तीसरी सैंपलिंग लेने के बाद इन सभी को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। जबकि तीसरी रिपोर्ट आना अभी बाकी है।
जैसे ही इनकी रिपोर्ट 20 जुलाई को आई उसमें से 12 कर्मचारी दोबारा से पॉजिटिव पाए गए। आनन-फानन में स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन द्वारा इन कर्मचारियों की ट्रेसिंग की गई और वापस बुलाया गया। इनमें से एक कर्मचारी डोडा का रहने वाला है। दूसरा कर्मचारी उधमपुर का। बाकी 10 कर्मचारी स्थानीय हैं। स्वास्थ्य विभाग की इसमें बड़ी लापरवाही देखी जा रही है। अगर यह 12 पॉजिटिव मामले किसी और के संपर्क में आ गए तो यह बड़ी त्रासदी हो सकती है।
इस मामले में बीएमओ शमीम चौधरी का कहना है कि सरकार की तरफ से जारी की गई नई गाइड लाइन के मुताबिक पहली सैंपलिंग पॉजिटिव आने के बाद अगर दूसरी सैंपलिंग की रिपोर्ट निगेटिव आती है तो उस मरीज को घर भेज दिया जाता है। इन 28 मरीजों को उनकी पहली रिपोर्ट आने के बाद घर भेजा गया है, लेकिन जैसे ही इनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई तो तुरंत इनको वापस बुला लिया गया।
तहसीलदार केसर महमूद का कहना है कि जैसे ही इसके बारे में पता चला डोडा और उधमपुर के कर्मचारी को घर में ही क्वारंटीन कर दिया गया है। बाकी स्थानीय को कोविड-19 अस्पताल बाड़ी ब्राह्मणा में शिफ्ट कर दिया गया है।