जम्मू। कोविड की तीसरी लहर में खतरनाक नए वेरिएंट के गंभीर परिणामों की आशंका के मद्देनजर जम्मू-कश्मीर में कोविड बिस्तरों की क्षमता को बढ़ाया जा रहा है। इसमें सामान्य आईसीयू (इंटेसिव केयर यूनिट) के अलावा बाल और मातृत्व आईसीयू पर अधिक ध्यान केंद्रित किया जा रहा है, जिसमें प्रत्येक जिले में जिला अस्पतालों की क्षमता के मुताबिक 10 से 15 बिस्तर वाले नए आईसीयू को स्थापित किया जा रहा है। वर्तमान में आईसीयू और सामान्य बिस्तरों की क्षमता करीब 5800 है।
स्वास्थ्य विभाग ने सभी जिला अस्पताल प्रशासनों को अपनी क्षमता के मुताबिक नए मिनी आईसीयू विकसित करने को कह है। इसका उद्देश्य गंभीर मरीजों का शहरी अस्पतालों में रेफर सिस्टम को कम करके उन्हें जल्द उचित इलाज देना है। पिछली कोविड की दो लहरों के दौरान गंभीर मरीजों को आईसीयू के उपचार के लिए मेडिकल कालेजों और लेवल वन कोविड अस्पतालों पर निर्भर रहना पड़ा था। जिससे शहरी अस्पतालों में मरीजों का अधिक लोड हो जाने से सभी को उचित उपचार देना चुनौती रहा था। इसमें कई गंभीर मरीजों को समय पर इलाज न मिलने के कारण उन्हें जान गंवानी पड़ती है। कोविड के कारण पहले से ही कई शारीरिक समस्याओं से ग्रस्त लोगों को अधिक खतरा रहता है। इसमें एचआईवी, हृदय, मधुमेह सहित अन्य संक्रमित बीमारियों से पीड़ित लोग जल्दी कोविड संक्रमण की चपेट में आते हैं। गत दिवस जीएमसी जम्मू में कोविड से मारे गए कुंजवानी निवासी एक 44 वर्षीय निवासी 47 दिन तक कोविड संक्रमित रहा। वह कई संक्रमित बीमारियों से पीड़ित था। गंभीर मरीजों की उचित देखभाल चिकित्सा को ध्यान में रखते हुए सभी जिला अस्पतालों में आईसीयू चिकित्सा देखभाल को मजबूत बनाया जा रहा है। वर्तमान में श्रीनगर और जम्मू में बड़े स्तर पर 500-500 बिस्तर की क्षमता वाले कोविड डीआरडीओ अस्पताल कार्यात्मक हैं। जम्मू संभाग में मौजूदा 2423 और कश्मीर संभाग में 3353 कोविड बिस्तर उपलब्ध हैं। मौजूदा समय में कुल 5776 बिस्तरों (13 अगस्त तक) सिर्फ 90 ही मरीज भर्ती हैं। स्वास्थ्य व चिकित्सा शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अटल डुल्लू ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के अस्पतालों में कोविड बिस्तरों की क्षमता को बढ़ाया जा रहा है। इसमें आईसीयू बिस्तरों का प्रमुख रूप से विस्तार किया जा रहा है। प्रदेश में 6000 से अधिक कोविड बिस्तरों की क्षमता की जाएगी।