कोरोना संक्रमण ने कई हंसते-खेलते परिवारों को उजाड़ दिया है। कई बच्चों के सिर से मां-बाप का साया छिन गया, तो कई मां-बाप ने अपने बच्चों को खो दिया। ऐसी ही एक कहानी है जम्मू के बख्शीनगर के वासू संबूरिया की। वासू के सिर पर पहले ही मां का साया नहीं था, लेकिन बेरहम कोरोना ने अप्रैल में पिता का साया भी छीन लिया। अब वासू पिता का ऑटो चलाकर अपनी बहन का पालन-पोषण कर रहा है।
वासू संबूरिया (19) ने बताया कि मां की मौत के 20 दिनों बाद पिता की मौत हो गई। पिता ऑटो रिक्शा चालक थे। पिता की मौत के बाद बहन (17) की जिम्मेदारी उसके कंधों पर आ गई और मेरे सामने अपने को बेहतर भविष्य देने की चुनौती थी, ऐसे में मैने ऑटो रिक्शा चलाकर अपना और बहन का पालन-पोषण करने की ठानी। वासू ने कहा कि उसका सपना है अपनी बहन को अच्छी शिक्षा दे सकूं। वासू ने कहा कि वह बारहवीं पास है, इसके बाद पढ़ाई छोड़ दी थी।
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इतने कम समय में ही मां-पिता की मौत ने मुझे तनाव में डाल दिया था, लेकिन अब मेरे सामने मेरी बहन का बेहतर भविष्य है, जो मुझे जीवन की इस सच्चाई को स्वीकार कर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करता है। गौरतलब है सरकार ने ऐसे परिवारों के लिए सक्षम योजना शुरू की है, इसके तहत ऐसे परिवारों को पेंशन और छात्रवृत्ति देगी, जिनका एक मात्र कमाने वाले सदस्य की मौत कोरोना के कारण हुई है।