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कई वलाँको में पंचायत घर नही

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आरएस पुरा। प्रदेश प्रशासन ने हर पंचायत में कम से कम पांच बेडों का कोविड अस्पताल बनाया जाना अनिवार्य तो कर दिया, लेकिन आरएस पुरा के तीन ब्लॉकों के कई गांवों में पंचायत घर नहीं हैं। सुचेतगढ़ ब्लॉक में 21 पंचायतों में 14, आरएस पुरा में 23 में से 17 और मीरां साहिब में 20 में से सिर्फ 16 पंचायत भवन हैं। इसलिए, पांच बिस्तरों का कोविड अस्पताल बनाने के लिए सरपंचों को दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।
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पूर्व सरपंच मास्टर अजीत सिंह का कहना है कि सरकार को हर गांव में पंचायत भवनों का प्राथमिकता के आधार पर निर्माण कराना चाहिए। उन्होंने कहा कि कई गांवों में दस वर्ष पूर्व नई पंचायतों का गठन किया गया था, लेकिन अब तक भवनों का निर्माण नहीं हो सका। पूर्व सरपंच ओम प्रकाश का कहना है कि आज भी कई गांवों में पंचायत भवन न होने पर जनप्रतिनिधियों को गांवों में चौपाल लगाकर पंचायत के कार्य करने पड़ते हैं। उन्होंने कहा कि कई गांवों में पंचायतों के बनाए भवन जर्जर हालत में हैं, जिनकी देखरेख करने के लिए कोई चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी तक नियुक्त नहीं।
खारिया पंचायत के सरपंच पवन रैना का कहना है कि मौजूदा सरकार की गलत नीतियां अगर बेहतर होतीं, तो चुनावों के बाद ऐसे गांवों में भवनों का निर्माण कराया जाता। लगभग तीन वर्ष बाद भी कई गांवों में नई बनी पंचायतों के भवनों का निर्माण नहीं कराया गया। हालांकि, सरकार का आदेश कोविड अस्पताल को पंचायत घर या सरकारी स्कूल में बनाने का है। एसडीएम आरएस पुरा रामलाल शर्मा ने कहा कि जिन गांवों में इस समय पंचायतों के भवन नहीं हैं, वहां सरकारी स्कूलों में पांच बिस्तरों का कोविड अस्पताल बनाए जाएंगे।
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