जम्मू में कोरोना टेस्ट करवाने को ले जाता पुलिस कर्मी।
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लेह में कोरोना के लगातार केस बढ़ने के कारण कई पाबंदियां लगानी शुरू हो गई है। प्रशासन ने सचिवालय में आम लोगों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है। अधिकारियों ने बताया कि 15 दिसंबर तक सचिवालय में सिर्फ कर्मचारी ही प्रवेश कर सकते हैं। इसके अलावा पूरे संभाग में स्वास्थ्य कर्मी लगातार सैंपलिंग कर रहे हैं। उन्होंने लोगों से कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करने को कहा है।
वैष्णो देवी यात्रा पर आए लोग भी संक्रमित मिले
उधर कोरोना के नए वेरिएंट की आशंका के बीच जम्मू-कश्मीर में कोविड संक्रमित मामलों में उछाल ने स्वास्थ्य और प्रदेश प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। प्रदेश में साढ़े चार माह बाद चौबीस घंटे में 234 लोग संक्रमित मिले हैं। इनमें जिला रियासी में सर्वाधिक 87 वैष्णो देवी यात्रियों सहित 88 संक्रमित पाए गए। सभी यात्रियों को सड़क मार्ग से वापस भेजा गया है।
जिला जम्मू में भी बीस संक्रमित मामले मिले हैं। शहर के तालाब तिल्लो इलाके में एक ही परिवार के तीन लोग संक्रमित पाए गए, जिससे उनके संपर्क मामलों की तलाश की जा रही है। संबंधित क्षेत्र को माइक्रो कंटेनमेंट बनाने की तैयारी की जा रही है। कश्मीर में एक संक्रमित मरीज की मौत हुई है।
कोरोना प्रोटोकॉल का पालन न करने से बढ़ रहे केस
जम्मू कश्मीर में कोविड संक्रमित मामलों में वृदि हो रही है। पिछले कुछ हफ्ते पहले तक यह आंकड़ा 60 से 100 के बीच था जो अब 200 पार कर गया है। विशेषज्ञों के अनुसार कोविड उपयुक्त व्यवहार का पालन न होने के कारण आगामी दिनों में कोविड संक्रमित मामलों में वृदि हो सकती है। श्रीनगर में 63 मामले मिले हैं। बारामुला में 28 नए मामले मिले।
चिंता यह है कि प्रदेश में मिले कुल मामलों में से 89 यात्री हैं, यानी स्थानीय स्तर के साथ यात्री भी तेजी से संक्रमण का प्रसार कर रहे हैं। जिला रामबन, सांबा, कठुआ, शोपियां, अनंतनाग में कोई संक्रमित मामला नहीं मिला है। प्रदेश के सभी बीस जिलों में सक्रिय मामले हैं। इसमें राजधानी श्रीनगर में सर्वाधिक 569 मामले हैं। प्रदेश में 1687 सक्रिय मामले हैं और अब तक कोविड से 4477 लोगों की मौत हो चुकी है। इसमें कश्मीर संभाग से 2292 मौतें हुई हैं।