जम्मू/श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर के स्कूलों में सर्दी की छुट्टियों के चलते तीन जनवरी से शुरू हो रहे टीकाकरण के लिए बच्चों को बुलाने की जिम्मेदारी संबंधित स्कूलों को सौंपी गई है। स्कूल शिक्षा विभाग से 15 से 18 साल के बच्चों का ब्योरा लेकर संबंधित मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को भेज दिया गया है। प्रदेश में आठ लाख 60 हजार बच्चों को चिह्नित किया है। टीकाकरण अभियान में रिएक्शन सहित अन्य चिकित्सा समस्याओं के समाधान के लिए चिकित्सा टीम के पास एईएफआई (एटवर्स इवेंट फायलिंग इम्युनिटी) किट मौजूद रहेगी, जिसमें गंभीर मामलों को अस्पतालों में शिफ्ट किया जाएगा।
अगले एक-दो दिन में प्रदेश के सभी बीस जिलों में कोवैक्सीन की पर्याप्त डोज पहुंचने की उम्मीद है। प्रदेश में बच्चों के टीकाकरण अभियान को दस दिन के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसमें स्कूल छोड़ चुके (ड्रापआउट) बच्चों तक उनके पैतृक स्थानों पर पहुंचकर टीकाकरण करने की योजना है। वे संबंधित साइटों पर पहुंचकर भी टीकाकरण करवा सकते हैं। कोविड की तीसरी लहर के खतरे को देखते हुए श्रीनगर के कोचिंग केंद्र में नामांकित छात्रों का सामूहिक टीकाकरण किया जाएगा। कोचिंग संस्थान और निजी स्कूल एसोसिएशन की मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी श्रीनगर के साथ हुई वीरवार को हुई संयुक्त बैठक में तय किया गया कि 15 से 18 साल के बच्चों को वैक्सीन लगाने के लिए संयुुक्त रूप से काम करेगा, ताकि इस आयु वर्ग के सभी बच्चों को कवर किया जा सके। निजी स्कूल एसोसिएशन के अध्यक्ष जीएन वार ने सीएमओ को हर संभव सहयोग देने का आश्वासन दिया।
टीकाकरण के लिए छोटे स्कूलों का विलय होगा, जम्मू में 100 केंद्र चयनित
जम्मू। जम्मू-कश्मीर में टीकाकरण के लिए चिकित्सा टीमों की तैनाती कर दी गई है। टीकाकरण में तेजी लाने के लिए कम बच्चों वाले स्कूलों का विलय करके उनका एक ही जगह टीकाकरण किया जाएगा। स्कूल शिक्षा विभाग से मिली जानकारी में देखा जा रहा है कि जिन स्कूलों में 15 से 25 बच्चे हैं, उन्हें अन्य दूसरे बड़े स्कूल में बुलाकर टीकाकरण कर लिया जाए, ताकि अभियान को जल्द संपन्न किया जा सके। जम्मू जिले में प्रतिदिन 100 केंद्रों पर टीकाकरण की योजना है। जिसमें प्रत्येक केंद्र पर दो चिकित्सा कर्मी उपलब्ध होंगे। यहां पौने सात सौ स्कूलों को चिह्नित किया गया है, जिसमें 70 हजार के करीब बच्चे हैं। पूर्व के टीकाकरण अभियानों की तरह बच्चों के लिए भी सभी चिकित्सा प्रोटोकाल लागू रहेंगे। चिकित्सा टीमों के अलावा साइट की निगरानी के लिए डाक्टरों को सुपरवाइजर के तौर पर तैनात किया गया है।
जम्मू में 70 हजार बच्चों का होगा टीकाकरण
जम्मू। जम्मू जिले में 70 हजार से अधिक बच्चों का वैक्सीनेशन होगा। एक दिन में 800 से 1000 हजार बच्चों को वैक्सीन लगाने की तैयारी है। जिले में 678 निजी और सरकारी हाई और हायर सेकेंडरी स्कूलों में वैक्सीनेशन सेंटर बनाए जा रहे हैं। स्कूल संचालक तय संख्या में ही बच्चों को स्कूलों में बुलाएंगे और स्वास्थ्य विभाग की टीमें बच्चों को वैक्सीन लगाएंगी। वैक्सीनेशन के लिए स्कूल प्राचार्यों को नोडल अफसर बनाया गया है। ये स्कूल आने वाले 9वीं से 12वीं कक्षा के बच्चों का टीकाकारण सुनिश्चित करेंगे। शिक्षकों की भी ड्यूटी होगी कि वह वैक्सीनेशन के बाद बच्चों पर नजर रखेंगे। स्कूलों में बच्चों की काउंसलिंग भी होगी और उन्हें कोविड-19 से लड़ने के लिए वैक्सीनेशन के महत्व को बताया जाएगा। मुख्य शिक्षा अधिकारी सूरज सिंह राठौड़ ने कहा कि हमने जिला स्वास्थ्य अधिकारी को स्कूलों और बच्चों की संख्या का ब्योरा भेज दिया है। स्कूलों में सभी प्रकार की व्यवस्था की गई है, ताकि इस अभियान को समय रहते पूरा किया जा सके।
18 साल से अधिक आयु में सौ फीसदी लक्ष्य जनवरी तक
जनवरी में बच्चों के लिए शुरू हो रहे टीकाकरण में चिकित्सा कर्मचारियों को थोड़ी राहत भी रहेगी, क्योंकि प्रदेश में 18 से अधिक आयु वर्ग के कोविड टीकाकरण के 100 फीसदी लक्ष्य को जनवरी के शुरू में हासिल कर लिया जाएगा। इसमें लगभग सभी जिले 80 और 90 फीसदी से ऊपर के टीकाकरण के बीच चल रहे हैं।