मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद के आदेश को सरकारी विभाग ठेंगा दिखा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने असेंबली में एक्सटेंशन और कंट्रैक्चुअल पर काम कर रहे मुलाजिमों को तत्काल प्रभाव से हटाने का निर्देश जारी किया था, लेकिन अभी तक ऐसा कुछ नहीं हुआ है।
जम्मू विकास प्राधिकरण (जेडीए), नगर निगम जम्मू और जिला उपायुक्त के कार्यालयों में ऐसे कई मुलाजिम काम कर रहे हैं, जिन्हें रिटायर होने के बाद भी लगाया गया है।
बताया जा रहा है कि जेडीए में छह जेई हैं। गिरदावर और पटवारियों की संख्या चार है, जिन्हें एक्सटेंशन पर लगाया गया है। मुख्यमंत्री के आदेश के बाद इन्हें सेवा से हटाया जाना था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ है। मुख्यमंत्री के आदेश को विभागीय अधिकारी हलके में ले रहे हैं।
जेडीए के वाइस चेयरमैन मुबारक सिंह ने दो सप्ताह पहले एक्सटेंशन पर काम करने वाले मुलाजिमों को तत्काल प्रभाव से हटाने की बात कही थी, लेकिन अभी तक इस पर अमल नहीं किया गया है।
इसी तरह डीसी आफिस से जुड़ी तहसीलों और नियाबतों में कुछ मुलाजिम हैं, जिन्हें एक्सटेंशन पर लगाया गया है। अधिकारी इनका खुलासा नहीं कर रहे हैं।
नगर निगम में भी एक्सटेंशन के कुछ मामले हैं, जिन पर नगर निगम कमिश्नर सौजन्य शर्मा ने चुप्पी साधी हुई है। जेडीए के वीसी मुबारक सिंह के मुताबिक एक्सटेंशन पर लगे मुलाजिमों का मामला विचाराधीन है।
जल्द ही कोई परिणाम सामने आ सकता है। गौरतलब है कि विभागों में एक्सटेंशन और कंट्रैक्चुअल पर मुलाजिमों को रखने जाने के चलते युवाओं को मौका नहीं मिल रहा है। बेरोजगार और विभिन्न यूनियन युवाओं को अवसर मुहैया कराने की लंबे समय से मांग कर रहे हैं।