संशोधित अनुमानित बजट 2023-24 और 2024-25 के अनुमानित बजट प्रस्तावों पर विभिन्न विभागों से 12 अक्तूबर से चर्चा की जाएगी। इसमें राजस्व और पूंजीगत घटक (सीएसएस/पीएमडीपी/ऋण घटक) शामिल होंगे। इस चर्चा में नागरिक सचिवालय जम्मू से संबंधित विभागों के अध्यक्ष वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़ेंगे।
वित्त विभाग की ओर से जारी एक आदेश में 12 अक्तूबर को श्रम व रोजगार/एरआई/स्टेशनरी, 13 अक्तूबर को आपदा प्रबंधन, राहत व पुुनर्वास विभाग, 14 अक्तूबर को खाद्य, नागरिक आपूर्ति व उपभोक्ता मामले, 18 अक्तूबर को कृषि,बागवानी और हार्टिकल्चर विभाग, विज्ञान, युवा सेवा एवं खेल विभाग, पर्यटन विभाग, 19 अक्तूबर को सिंचाई, बाढ़ नियंत्रण विभाग, 20 अक्तूबर को कानून व न्याय विभाग, स्वास्थ्य व चिकित्सा शिक्षा विभाग, 21 अक्तूबर को आवास व शहरी विकास विभाग से बजट प्रस्तावों पर चर्चा होगी।
वही, केंद्रीय गृह मंत्रालय के अनुसार जम्मू-कश्मीर के लिए बजट आवंटन 2019-20 में 80,423 करोड़ रुपये से बढ़कर 2022-23 में 1,12,950 करोड़ रुपये हो गया। केंद्र प्रायोजित योजनाओं को लागू करने में जम्मू-कश्मीर अब शीर्ष राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में शामिल है। एक अप्रैल, 2022 से 31 दिसंबर, 2022 तक मंत्रालय की 2022-23 की वार्षिक रिपोर्ट में कहा गया है कि जम्मू-कश्मीर के लिए बजट आवंटन 2019-20 में 80,423 करोड़ रुपये से लगातार बढ़कर 2020-21 में 92341 करोड़, 2021-22 में 108621 करोड़ और 2022-23 में 112950 करोड़ रुपये हो गया।
रिपोर्ट में कहा गया है कि जम्मू-कश्मीर सरकार ने सर्वांगीण विकास हासिल करने और समृद्धि लाने के लिए अनुकूल माहौल बनाने को आईटी सक्षम उपकरणों, भविष्य की रणनीतियों, लोकतंत्र को मजबूत करने की नई पहल, सुशासन, निवेश के अवसरों और सामाजिक आर्थिक विकास के माध्यम से बड़े पैमाने पर सुधारात्मक कार्यक्रम शुरू किए हैं। बताया गया कि सौभाग्य, इंद्रधनुष, उज्ज्वला, उजाला, पेंशन योजनाएं, छात्रवृत्ति, पीएम मुद्रा योजना, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, किसान क्रेडिट कार्ड, वन नेशन वन राशन कार्ड, पोषण वाटिका आदि जैसी योजनाएं संतृप्त की गई हैं।
50 नए डिग्री कॉलेज के कार्य को गृहमंत्रालय ने सराहा
गृह मंत्रालय ने जम्मू-कश्मीर में 50 नए डिग्री कॉलेजों की स्थापना के लिए चल रहे निर्माण सहित अन्य कार्यों पर संतोष व्यक्त किया है। मंत्रालय ने अपनी वार्षिक रिपोर्ट 2022-2023 के अनुसार, जम्मू में भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) और भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) हैं। इसके अलावा वित्तीय वर्ष 2018-19 के दौरान स्वीकृत 50 नए सरकारी डिग्री कॉलेजों का काम चल रहा है।