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मनरेगा के तहत नाले का निर्माण शुरू

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आरएस पुरा में नाले की सफाई करते श्रमिक।
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आरएस पुरा। पंचायत गोंदला के सरपंच राजकोर व नायब सरपंच सरताज सिंह लाडा की तरफ से गांव चक मोहम्मदयार में मनरेगा योजना के अंतर्गत नाले का निर्माण शुरू कराया गया। पंचायत के नायब सरपंच ने कहा कि मनरेगा योजना के अधीन कार्य होने पर जॉब कार्ड होल्डर को काम मिलेगा, जिससे इन दिनों मजदूरी न मिलने पर कार्य करने पर परिवार का पालन पोषण कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि इसके चलते किसानों को भी सिंचाई के लिए पानी की जरूरत पूर्ण होने पर राहत होगी। मनरेगा योजना के अधीन पंचायत का बकाया लाखों रुपये अभी तक उन्हें नहीं मिल पाया, जिसके चलते मजदूर वर्ग के लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इस दौरान पंच रजनी देवी, रघुवीर सिंह, थोड़ू राम, सुरेंद्र सिंह, सुखदेव सिंह, रीमा, देवी, मनमीत कौर, संदीप चौधरी, देवराज, दिलीप कुमार, पंचायत के ग्राम सेवक भाग सिंह आदि भी मौजूद रहे।
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चक सलारिया पंचायत में मनरेगा के तहत काम शुरू कराया
विजयपुर। चक सलारिया पंचायत के सरपंच विजय कुमार बाबा ने पंचायत के गांव करालिया में विकास कार्य के लिए लगभग 2.90 लाख रुपये के काम शुरू कराए। सरपंच ने बताया कि यह सारा काम मनरेगा का ही होगा। इससे मनरेगा की लेबर को कोई परेशानी नहीं होगी। सरपंच विजय कुमार ने बताया कि इस लॉकडाउन के समय खासकर लेबर का पूरा ध्यान रखा जाएगा। लेबर को दिशा निर्देश भी दिए कि फेस मास्क पहन कर रखें और सामाजिक दूरी बनाए रखें। इस मौके पर उनके साथ नायब सरपंच सुनील चौधरी, पंच बलकार सिहं, रोहित शर्मा आदि मौजूद थे। संवाद
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संपर्क नहरों में बिना सफाई के छोड़ दिया पानी
सिंचाई के लिए कैसे पहुंचेगा अंतिम छोर तक पानी
संवाद न्यूज एजेंसी
सांबा। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों के लोग नहरी पानी पर निर्भर हैं। वहीं लॉकडाउन के दौरान नहरों की सफाई भी मशीनों से ही की गई है। जहां मशीन जाती थी, सफाई की गई, अन्य जगहों पर सफाई नहीं की गई है।
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किसान जगदीश राज, बलदेव राज, महेश सिंह, मनोहर लाल आदि ने बताया कि विभाग की ओर से संपर्क नहरों की सफाई नहीं कराई है। ऐसे में अंतिम छोर तक सिंचाई पानी के नहीं पहुंचने से किसानों को धान की पनीरी लगाने की परेशानी बनी हुई है। उन्होंने बताया कि संपर्क नहरों में पानी तो छोड़ा जाता है, लेकिन रास्ते में ही रह जाता है। कई स्थानों पर आज भी नहरें टूटी हैं। कई जगहों पर संपर्क नहर में झाड़ियां फैली हुई हं।ै ऐसे में उन तक सिंचाई का पानी नहीं पहुंच पाने से किसान चिंतित हैं। उनका कहना है कि यदि संपर्क नहरों की भी सफाई की जाती तो उनके सीमावर्ती क्षेत्रों तक पानी पहुंच सकता था, लेकिन विभाग की ओर से ऐसा नहीं किया गया है। इससे उनकी धान की पनीरी के साथ फसल को लेकर भी वह चिंता में हैं।
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