पुरमंडल थाने में तैनात एक कांस्टेबल को विजिलेंस ने दस हजार रुपये रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया।
मंडल तहसील निवासी राम स्वरूप ने विजिलेंस को शिकायत की कि गांव मंडल के कुछ लोगों के खिलाफ परमंडल थाने में शिकायत दर्ज हुई थी।
थाने के स्पेशल ग्रेड कांस्टेबल इबरार वानी ने उससे दस हजार रुपये रिश्वत मांगी, अन्यथा केस में उसका भी नाम डाल देने की धमकी दी। विजिलेंस ने शिकायत के आधार पर ट्रैप टीम का गठन किया।
इसमें डीएसपी गिरधारी लाल, इंस्पेक्टर हरि सिंह, इंस्पेक्टर बरकत हुसैन, इंस्पेक्टर दीपक जसरोटिया और दो स्वतंत्र गवाह शामिल थे।
एसएसपी विजिलेंस (सांबा-कठुआ) आरके चलोत्रा के नेतृत्व में टीम ने घेरा डाला और कांस्टेबल को दस हजार रुपये रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया। कांस्टेबल के खिलाफ विजिलेंस ने मामला दर्ज कर लिया है।
उधर, एक अन्य मामले में विजिलेंस ने एजूकेशन जोन डंगेरपोरा के अधिकारियों के खिलाफ केस दर्ज किया है। केस के अनुसार तत्कालीन जेडईपीओ मेहराजउद्दीन शावल, मिडिल स्कूल के हेडमास्टर जहूर अहमद पीर, तत्कालीन जेडईओ बशीर अहमद मीर और मोहम्मद शफी ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए सरकारी फंड में हेरफेर किया।
इनकी मिलीभगत से सरकारी खजाने को 79,86,243 रुपये की चपत लगी। केस के अनुसार उन्होंने वर्ष 2010-11, 2011-12 और 2012-13 को स्कूल में हुए सिविल वर्क में हेराफेरी की।
आरोरियोें ने 79.86 लाख रुपये में से 70,91,411 रुपये की राशि धोखे से निकाली। विजिलेंस ने जांच रिपोर्ट के आधार पर उनके खिलाफ पीसी एक्ट और आरपीसी की धारा 120-बी, 409 के तहत केस दर्ज कर लिया। मामले की जांच आगे जारी है।