कश्मीर में बर्फबारी से पहले बड़े स्तर पर विस्फोटक और हथियार पहुंचाने की साजिश रची जा रही है। पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई ने आतंकी संगठनों पर दबाव बनाया है कि 300 से ज्यादा पिस्टल, एके 47, आईईडी, स्टिकी बम कश्मीर पहुंचाएं। जम्मू के इंटरनेशनल बॉर्डर से इस सामान को कश्मीर पहुंचाने की योजना आईएसआई ने बनाई है।
इसके लिए ड्रोन का इस्तेमाल किया जाएगा। पिछले दो साल से पाकिस्तान की ओर से आईईडी, स्टिकी बम, पिस्टल और एके 47 जैसे हथियार बड़े स्तर पर ड्रोन के जरिए भेजे गए हैं। दरअसल, कश्मीर में बारामुला, बांदीपोरा, कुपवाड़ा की एलओसी से आतंकी घुसपैठ करते हैं।
इस रास्ते आतंकियों तक हथियार और विस्फोटक पहुंचता है, लेकिन दिसंबर महीने में कश्मीर के इन तीनों इलाकों में बर्फबारी शुरू हो जाती है। इसकी वजह से न तो आतंकी घुसपैठ कर पाते हैं और न ही इन तक गोला बारूद और हथियार पहुंच पाते हैं। लिहाजा आईएसआई चाहती है कि सर्दियों में आतंकी गतिविधियों को जिंदा रखने के लिए अभी से हथियार और विस्फोटक के जखीरे का स्टाक जमा करके रखा जाए।
ओजी वर्करों पर नजर रखनी होगी
पूर्व डीजीपी एसपी वैद का कहना है कि पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए उक्त सामान भेजने की निश्चित तौर पर कोशिश होगी। उनकी कोशिशों को तो रोका नहीं जा सकता, लेकिन इन कोशिशें को सफल बनाने वालों पर शिकंजा जरूर कसा जा सकता है। कठुआ, सांबा, जम्मू, राजोरी और पुंछ में खुफिया तंत्र को पूरी नजर रखनी होगी और जो लोग इन इलाकों में रहकर इस साजिश को कामयाब बनाने की फिराक में हैं, उनको पहले ही दबोचना होगा।
ड्रोन के जरिये हथियार भेजने की आशंका
जम्मू के खटिका तालाब, रियासी, राजोरी, कठुआ, सांबा और उधमपुर में पिछले 6 महीनों के भीतर 8 आतंकी गिरफ्तार हो चुके हैं। इन आतंकियों के पास से 30 से अधिक स्टिकी बम, ग्रेनेड, पिस्टल और अन्य हथियार बरामद हो चुके हैं।
इनके पास यह सभी हथियार और विस्फोटक जम्मू-सांबा-कठुआ के इंटरनेशनल बॉर्डर और राजोरी-पुंछ की एलओसी से आया है। ऐसे में इन्हीं क्षेत्रों से ड्रोन के जरिए आईएसआई हथियार और विस्फोटक भेजने की फिराक में है। इन क्षेत्रों में ड्रोन के जरिए उक्त सामान भेजने की आशंका है।